Baramati Plane Crash: बारामती एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग विमान हादसे का शिकार
महाराष्ट्र के पुणे जिले से विमान हादसे की खबर सामने आई है। बारामती हवाई पट्टी पर एक प्रशिक्षण विमान रनवे से बाहर निकल गया। घटना रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे हुई।
पुलिस के मुताबिक, विमान में दो लोग सवार थे। इनमें कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जुंद्रे शामिल थे। राहत की बात यह है कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान प्रशिक्षण अभ्यास के लिए उड़ान भर रहा था। अभ्यास में विमान के चक्कर लगाने और आपात स्थिति में लैंडिंग की प्रक्रिया शामिल थी।
इसी दौरान विमान पूरी तरह रुक नहीं पाया और रनवे 29 के अंतिम हिस्से से आगे निकल गया। इसके बाद विमान पक्की सतह से बाहर चला गया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विमान रनवे से क्यों बाहर निकला। हादसे के वास्तविक कारण का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
विमान में कौन-कौन सवार थे?
हादसे के समय विमान में दो लोग मौजूद थे।
- कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे
- कैडेट अभिजीत जुंद्रे
पुलिस के अनुसार दोनों सुरक्षित हैं। हादसे के बाद मौके पर अधिकारियों और पुलिस की टीम पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
क्या तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हादसा?
फिलहाल विमान दुर्घटना की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शुरुआती रिपोर्टों में तकनीकी खराबी की संभावना को लेकर चर्चा हो सकती है, लेकिन इसे अभी हादसे का कारण मानना सही नहीं होगा। अधिकारियों की जांच के बाद ही पता चलेगा कि विमान रनवे से बाहर क्यों गया।
इसलिए तकनीकी खराबी को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।

सात महीने में बारामती में दूसरा बड़ा विमान हादसा
बारामती हवाई पट्टी पर विमान हादसे की यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले जनवरी 2026 में यहां एक बड़ा हादसा हुआ था।
28 जनवरी को एक Learjet 45 दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई थी। उस दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो यानी AAIB कर रहा है।
इसके बाद बारामती में विमान सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे।
मई में भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था ट्रेनिंग विमान
बारामती में इस साल प्रशिक्षण से जुड़ी एक और घटना 13 मई को हुई थी।
उस समय एक निजी कंपनी का प्रशिक्षण गोजुबावी गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। में केवल प्रशिक्षु पायलट सवार था और वह सुरक्षित बच गया था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उस घटना में का एक हिस्सा बिजली के खंभे से टकराया था। बाद में जमीन से जा टकराया था।
बारामती एयरपोर्ट क्यों महत्वपूर्ण है?
बारामती हवाई पट्टी का इस्तेमाल मुख्य रूप से फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए किया जाता है। यहां प्रशिक्षण संस्थानों के नियमित रूप से उड़ान भरते हैं।
AAIB की एक पूर्व रिपोर्ट में भी बारामती एयरफील्ड को मुख्य रूप से उड़ान प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाला एयरफील्ड बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यहां Carver Aviation और Redbird Flying Training Academy जैसी फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थाएं काम करती हैं।
हादसे के बाद जांच शुरू
के रनवे से बाहर निकलने के बाद अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि को रोकने में दिक्कत क्यों आई।
जांच में मौसम, तकनीकी स्थिति, रनवे की स्थिति और पायलट की प्रक्रिया जैसे पहलुओं को देखा जा सकता है।
अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक कारण को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
राहत की बात, दोनों पायलट सुरक्षित
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह है कि सवार दोनों लोग सुरक्षित हैं।
प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान पायलट और कैडेट को अलग-अलग आपात स्थितियों के लिए तैयार किया जाता है। इस घटना में भी आपातकालीन प्रक्रिया का अभ्यास किया जा रहा था। हालांकि हादसे के बाद विमान रनवे से बाहर चला गया।
अधिकारियों की जांच के बाद इस घटना से जुड़े सुरक्षा पहलुओं की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
Baramati Plane Crash में महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर एक प्रशिक्षण रनवे से बाहर निकल गया। हादसा प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान हुआ। विमान में कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जुंद्रे सवार थे और दोनों सुरक्षित हैं।
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