Nepal Flood News | Nepal Tibet Border Flood | CEO | Lax Gopisetty Missing | 29 August 2026
नेपाल और तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पांचवें दिन भी राहत और बचाव अभियान जारी है। भीषण फ्लैश फ्लड ने नेपाल के रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। इसी बीच Infosys Public Services के CEO Lax Gopisetty के नेपाल में बाढ़ के बाद लापता होने की खबर सामने आई है। Infosys ने पुष्टि की है कि गोपीसेट्टी से संपर्क नहीं हो पा रहा है और कंपनी संबंधित एजेंसियों तथा उनके परिवार के साथ संपर्क में है।
पांचवें दिन भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
नेपाल में बाढ़ और मलबे से प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान लगातार चल रहा है। खराब मौसम, टूटे हुए पुल, क्षतिग्रस्त सड़कें और दुर्गम पहाड़ी इलाका राहत टीमों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। कई स्थानों तक पहुंचने के लिए सुरक्षा बलों को विशेष उपकरणों और हेलीकॉप्टरों की मदद लेनी पड़ रही है।
रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। कई लोगों की तलाश सुरंगों और मलबे के बीच की जा रही है।
Infosys CEO Lax Gopisetty लापता
इस आपदा के बीच Infosys Public Services के प्रमुख Lax Gopisetty के लापता होने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। Infosys के मुताबिक गोपीसेट्टी व्यक्तिगत यात्रा पर नेपाल गए थे। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। कंपनी ने कहा है कि वह संबंधित अधिकारियों और परिवार के साथ मिलकर उनकी सुरक्षा और स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

गोपीसेट्टी Infosys Public Services का नेतृत्व करते हैं, जो मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा के सार्वजनिक क्षेत्र के लिए टेक्नोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
320 भारतीय भी लापता बताए गए
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई इस आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार शाम तक 320 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी थी। हालांकि अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों में अंतर देखने को मिल रहा है और बचाव अभियान जारी रहने के साथ संख्या बदल सकती है।
कई भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा और पर्यटन के सिलसिले में इस इलाके में पहुंचे थे। प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण परिवारों को अपने परिजनों की जानकारी हासिल करने में परेशानी हो रही है।
149 भारतीय चीन से नेपाल पहुंचे – Infosys CEO Lax Gopisetty
भारत सरकार भी नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार 28 अगस्त को 149 भारतीय नागरिक चीन के रास्ते सुरक्षित नेपाल पहुंचे। इसके अलावा 53 भारतीयों के काठमांडू पहुंचने की भी जानकारी सामने आई थी।
भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री और सहायता भी भेजी जा रही है। इस बीच प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों के लिए संपर्क और समन्वय का काम जारी है।
बाढ़ में 579 से ज्यादा मौतें – Infosys CEO Lax Gopisetty
नेपाल में बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार तक नेपाल में 579 मौतों की पुष्टि की गई थी। चीन के तिब्बत क्षेत्र में हुई मौतों को जोड़ने पर कुल मृतकों की संख्या 584 तक पहुंच गई थी। वहीं हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ के कारण कई गांव, सड़कें, पुल, जलविद्युत परियोजनाएं और सीमा से जुड़ा बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
हजारों लोग अब भी लापता
नेपाल की आपदा से जुड़े ताजा आंकड़ों के मुताबिक करीब 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 2,482 तक बताई गई है। इनमें नेपाली नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
लापता लोगों में पर्यटक, तीर्थयात्री, स्थानीय लोग और जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। कई इलाकों में मलबा हटाकर लोगों की तलाश की जा रही है।
दोबारा बाढ़ का खतरा भी बना
बचाव अभियान के बीच नेपाल-तिब्बत सीमा पर एक और खतरा सामने आया है। मलबे से बनी झीलों और पानी के बढ़ते दबाव के कारण दोबारा बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। शुक्रवार को एक अस्थिर झील के ओवरफ्लो होने से बचाव अभियान प्रभावित हुआ था। इसके बाद एक ताजा हिमस्खलन ने स्थिति को और जटिल कर दिया।
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
खराब मौसम बना बड़ी चुनौती
बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम के कारण हवाई अभियान भी प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध नहीं है। मलबे और पानी से भरी सुरंगों में फंसे लोगों को निकालना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सुरक्षा बल रस्सियों, बास्केट और ड्रोन जैसी तकनीकों की मदद से दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रियों की बढ़ी चिंता
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भी पड़ा है। इस रास्ते से बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री और विदेशी पर्यटक यात्रा करते हैं। बाढ़ में पुल और सड़कें बहने से यात्रा मार्ग बाधित हो गया है।
कई यात्रियों के संपर्क में नहीं होने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। सरकार और स्थानीय एजेंसियां यात्रियों की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी हैं।
भारत ने बढ़ाया राहत सहयोग
नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान में सहयोग जारी रखा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजी गई है। प्रभावित भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उनके परिवारों तक जानकारी पहुंचाने के लिए भी भारतीय अधिकारी नेपाल और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं।
Nepal Disaster Risk Reduction and Management Authority
National Disaster Management Authority India
भारत की प्राथमिकता नेपाल में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी और जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता पहुंचाना है।
निष्कर्ष
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के पांचवें दिन भी संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हजारों लोग लापता हैं और सैकड़ों मौतों की पुष्टि हो चुकी है। इसी बीच Infosys Public Services के CEO Lax Gopisetty के लापता होने की खबर ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है। Infosys संबंधित एजेंसियों और उनके परिवार के साथ मिलकर उनकी तलाश में जुटी है। दूसरी ओर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार का अभियान जारी है।
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