Skip to content
Thursday, 27 August 2026 NAV24 NEWS • हिंदी न्यूज़
FacebookInstagramYouTube
Nav24News
  • समाचार
    • व्यापार
    • दुनिया
    • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • खेल
    • Matches
  • ज्योतिष
  • स्वास्थ्य
  • शहर और राज्य
  • खबर ज़रा हटके
लाइव
होम / INFORMATION / भारत पर मंडरा रहा बड़ा बाढ़ खतरा: 2500…
INFORMATION

भारत पर मंडरा रहा बड़ा बाढ़ खतरा: 2500 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें संवेदनशील, 27 राज्य-UT जोखिम में

National News | Flood Risk India | GLOF | 27 अगस्त 2026 – भारत में बाढ़ का खतरा केवल लगातार बारिश या नदियों के बढ़ते जलस्तर तक सीमित नहीं है। देश के…

Niharika Gupta 27 August 2026, 8:20 pm
1 मिनट पढ़ें
भारत पर मंडरा रहा बड़ा बाढ़ खतरा: 2500 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें संवेदनशील, 27 राज्य-UT जोखिम में
SHARE Facebook X WhatsApp Telegram

National News | Flood Risk India | GLOF | 27 अगस्त 2026 – भारत में बाढ़ का खतरा केवल लगातार बारिश या नदियों के बढ़ते जलस्तर तक सीमित नहीं है। देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 27 प्रदेश आपदा के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील या जोखिम वाली स्थिति में हैं। चिंता की एक बड़ी वजह हिमालयी क्षेत्र में मौजूद 2500 से ज्यादा संवेदनशील ग्लेशियल झीलें हैं। इनके फटने से Glacial Lake Outburst Flood यानी GLOF जैसी अचानक और बेहद तेज बाढ़ आ सकती है।

2500 से ज्यादा ग्लेशियल झीलें बनीं चिंता

हिमालयी क्षेत्र में 2500 से अधिक ग्लेशियल झीलों को संवेदनशील स्थिति में बताया गया है। इसके अलावा 400 से ज्यादा हिमनदीय झीलों के तेजी से पिघलने की बात सामने आई है। अगर इनमें से कोई झील अचानक टूटती है, तो भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर तेजी से बढ़ सकता है। इससे नदी घाटियों और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा होता है।

हाल में नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने इस खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुई इस त्रासदी के पीछे भी हिमनदीय झील के फटने की आशंका जताई गई है।

बाढ़ मैदानों पर अतिक्रमण बढ़ा रहा खतरा

विशेषज्ञों और संसदीय समिति की रिपोर्ट में बाढ़ के मैदानों पर अतिक्रमण को गंभीर समस्या बताया गया है। कई जगह नदी के प्राकृतिक बहाव वाले क्षेत्रों में निर्माण और दूसरी गतिविधियां हो रही हैं।

बाढ़ के दौरान यही क्षेत्र अतिरिक्त पानी को फैलने और नियंत्रित करने में मदद करते हैं। लेकिन जब इन इलाकों पर निर्माण या अतिक्रमण हो जाता है, तो पानी के प्राकृतिक रास्ते प्रभावित होते हैं और बाढ़ का नुकसान बढ़ सकता है।

संसदीय समिति ने नदी तल और बाढ़-मैदानी क्षेत्रों में अतिक्रमण की निगरानी और उसे हटाने के लिए व्यापक राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने की सिफारिश की है।

नदी बेसिन स्तर पर योजना की जरूरत

बाढ़ से निपटने के लिए केवल शहर या जिले के स्तर पर तैयारी पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। नदी के पूरे बेसिन को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने की जरूरत बताई गई है।

अगर नदी के ऊपरी हिस्से में अचानक पानी बढ़ता है, तो उसका असर कई जिलों और राज्यों तक पहुंच सकता है। इसलिए नदी बेसिन स्तर पर जल प्रवाह, बाढ़ मैदान, जल निकासी और आबादी की स्थिति का आकलन जरूरी है।

संसदीय समिति ने भी river basin-level planning की कमी को बाढ़ से होने वाले नुकसान का एक महत्वपूर्ण कारण बताया है।

सरकार कर रही ग्लेशियल झीलों की निगरानी

ग्लेशियल झीलों से जुड़े खतरे की निगरानी के लिए केंद्रीय जल आयोग ने रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया है। आयोग ने Google Earth Engine आधारित ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो उपग्रह तस्वीरों का विश्लेषण करके ग्लेशियल झीलों और दूसरे जल निकायों के क्षेत्रफल को मापने में मदद करता है।

इसके जरिए संभावित जोखिम वाली झीलों और उनके जल प्रवाह मार्गों की पहचान की जा रही है। संबंधित जानकारी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और दूसरी एजेंसियों के साथ साझा की जाती है।

AI की मदद से बाढ़ का पूर्वानुमान

केंद्रीय जल आयोग हर महीने निगरानी रिपोर्ट तैयार करता है। संवेदनशील ग्लेशियल झीलों की पहचान और जोखिम के आधार पर उनकी श्रेणी तय करने की प्रक्रिया भी जारी है।

आधुनिक तकनीक और AI आधारित प्रणालियों की मदद से बाढ़ का पूर्वानुमान पहले से बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। समय रहते चेतावनी मिलने से संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

भारत का कितना हिस्सा बाढ़ के खतरे में?

देश के कुल भूभाग का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा, यानी 40 मिलियन हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र, बाढ़ और नदी कटाव की चपेट में आने योग्य बताया गया है।

इसके अलावा देश के 5161 शहरी स्थानीय निकाय बाढ़ के प्रति संवेदनशील बताए गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा अलग से मौजूद है। करीब 15 प्रतिशत भूभाग भूस्खलन के खतरे वाले क्षेत्रों में आता है।

भूकंप और बाढ़ दोनों का खतरा

भारत प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से कई तरह के जोखिमों का सामना करता है। देश के करीब 58.6 प्रतिशत भूभाग को मध्यम से अत्यधिक तीव्रता वाले भूकंपों के लिहाज से संवेदनशील बताया गया है।

ऐसे में हिमालयी क्षेत्रों में भूकंप, भूस्खलन, ग्लेशियर पिघलने और अचानक बाढ़ जैसे खतरे एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए आपदा प्रबंधन में केवल एक खतरे पर ध्यान देने के बजाय बहु-आपदा योजना की जरूरत है।

बाढ़ मैदानों की मैपिंग पर जोर

संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि जिन इलाकों में बाढ़ मैदानों या नदी तल पर अतिक्रमण हो चुका है, उन्हें मैप पर चिन्हित किया जाए।

इससे संबंधित एजेंसी या विभाग की जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में नए अतिक्रमण और नियमों के उल्लंघन को रोकना भी आसान होगा।

जहां अतिक्रमण हो चुका है, वहां उसे हटाकर पानी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करने पर जोर दिया गया है।

शहरों में ड्रेनेज मास्टर प्लान जरूरी

बारिश के दौरान शहरी बाढ़ की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसलिए शहरों के लिए जल निकासी मास्टर प्लान और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल तैयार करने की जरूरत बताई गई है।

नगर स्तर पर बाढ़ प्रबंधन योजना होने से भारी बारिश के समय जलभराव वाले इलाकों की पहचान, यातायात प्रबंधन और राहत-बचाव अभियान को तेजी से लागू किया जा सकता है।

सरकार पहले से बाढ़ मैदान जोनिंग को बाढ़ नियंत्रण का महत्वपूर्ण उपाय मानती रही है। जल शक्ति मंत्रालय ने राज्यों को बाढ़ मैदान क्षेत्रीकरण के लिए तकनीकी दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।

नेपाल की त्रासदी ने बढ़ाई चिंता

नेपाल-तिब्बत सीमा पर हालिया फ्लैश फ्लड ने हिमालयी क्षेत्रों में GLOF के खतरे को फिर चर्चा में ला दिया है। अचानक आई बाढ़ ने दिखाया कि पहाड़ी इलाकों में कुछ ही समय में पानी और मलबे का प्रवाह कितना विनाशकारी हो सकता है।

भारत के हिमालयी राज्यों में भी ऐसी घटनाओं को लेकर लगातार निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणाली को मजबूत करना जरूरी है।

Central Water Commission

National Disaster Management Authority

India Meteorological Department

Ministry of Jal Shakti

निष्कर्ष

भारत के सामने GLOF और बाढ़ का खतरा गंभीर है। 2500 से ज्यादा संवेदनशील ग्लेशियल झीलों, हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने और बाढ़ मैदानों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण जोखिम कई स्तरों पर बढ़ सकता है। देश के 27 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आपदा के लिहाज से संवेदनशील बताए गए हैं।

ऐसे में बाढ़ मैदानों से अतिक्रमण हटाना, नदी के प्राकृतिक बहाव को बनाए रखना, ग्लेशियल झीलों की लगातार निगरानी और समय पर चेतावनी जारी करना बेहद जरूरी है।

यह भी पढ़ें – Sugar Price Hike: महंगी हुई चीनी, खरीद पर भी लिमिट; Blinkit-Zepto-Swiggy समेत दुकानों में तय मात्रा

यह खबर शेयर करें
REPORTER / AUTHOR

Niharika Gupta

NAV24 News की संपादकीय टीम से प्रकाशित रिपोर्ट।

लेखक की और खबरें →
MORE ON THIS STORY

संबंधित खबरें

CISF Delhi Metro Security: 10 लाइनों पर 12 हजार से ज्यादा जवान, रोज 70 लाख यात्रियों की सुरक्षा
INFORMATION

CISF Delhi Metro Security: 10 लाइनों पर 12 हजार से ज्यादा जवान, रोज 70 लाख यात्रियों की सुरक्षा

1 hour पहले
Nepal-Tibet Flood : नेपाल-तिब्बत सीमा पर कुदरत का कहर, फ्लैश फ्लड में सैकड़ों की मौत, 1300 से ज्यादा लापता
INFORMATION

Nepal-Tibet Flood : नेपाल-तिब्बत सीमा पर कुदरत का कहर, फ्लैश फ्लड में सैकड़ों की मौत, 1300 से ज्यादा लापता

4 hours पहले
गद्दा कितने साल में बदल देना चाहिए? इन संकेतों से समझें आपका Mattress हो गया है खराब
INFORMATION

गद्दा कितने साल में बदल देना चाहिए? इन संकेतों से समझें आपका Mattress हो गया है खराब

2 days पहले
पटना Airport Bird Hit: लैंडिंग के वक्त एयर इंडिया की फ्लाइट से टकराया पक्षी, 164 यात्री सुरक्षित; एक हफ्ते में दूसरी घटना
INFORMATION

पटना Airport Bird Hit: लैंडिंग के वक्त एयर इंडिया की फ्लाइट से टकराया पक्षी, 164 यात्री सुरक्षित; एक हफ्ते में दूसरी घटना

3 days पहले

अभी महत्वपूर्ण

चमोली में टनल हादसा, 3 मजदूरों की मौत; 16 लोगों का रेस्क्यू भारतीय पासपोर्ट पर सरकार का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: नई SIT हुई सक्रिय, जल्द शुरू होगी जांच की समीक्षा भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर गुरुवार को होगी सुनवाई
NAV24 NEWSROOM

महत्वपूर्ण जानकारी

हमारे बारे मेंNAV24 News और हमारी टीम संपर्क करेंसुझाव, खबर और प्रतिक्रिया प्राइवेसी पॉलिसीडेटा और गोपनीयता जानकारी डिस्क्लेमरप्रकाशन संबंधी जानकारी
NAV24 CONNECT

सोशल मीडिया पर जुड़ें

FacebookInstagramYouTube
Facebook@nav24newsofficial Instagram@nav24news YouTube@OfficialNav24news
SECTION WATCH

INFORMATION

CISF Delhi Metro Security: 10 लाइनों पर 12 हजार से ज्यादा जवान, रोज 70 लाख यात्रियों की सुरक्षा

CISF Delhi Metro Security: 10 लाइनों पर 12 हजार से ज्यादा जवान, रोज 70 लाख यात्रियों की सुरक्षा

1 hour पहले
Nepal-Tibet Flood : नेपाल-तिब्बत सीमा पर कुदरत का कहर, फ्लैश फ्लड में सैकड़ों की मौत, 1300 से ज्यादा लापता

Nepal-Tibet Flood : नेपाल-तिब्बत सीमा पर कुदरत का कहर, फ्लैश फ्लड में सैकड़ों की मौत, 1300 से ज्यादा लापता

4 hours पहले
गद्दा कितने साल में बदल देना चाहिए? इन संकेतों से समझें आपका Mattress हो गया है खराब

गद्दा कितने साल में बदल देना चाहिए? इन संकेतों से समझें आपका Mattress हो गया है खराब

2 days पहले
पटना Airport Bird Hit: लैंडिंग के वक्त एयर इंडिया की फ्लाइट से टकराया पक्षी, 164 यात्री सुरक्षित; एक हफ्ते में दूसरी घटना

पटना Airport Bird Hit: लैंडिंग के वक्त एयर इंडिया की फ्लाइट से टकराया पक्षी, 164 यात्री सुरक्षित; एक हफ्ते में दूसरी घटना

3 days पहले
LATEST

ताज़ा खबरें

रक्षाबंधन से पहले दिल्ली-NCR में जाम का झाम, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 8 KM लंबी वाहनों की कतार

रक्षाबंधन से पहले दिल्ली-NCR में जाम का झाम, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर 8 KM लंबी वाहनों की कतार

47 minutes पहले
CISF Delhi Metro Security: 10 लाइनों पर 12 हजार से ज्यादा जवान, रोज 70 लाख यात्रियों की सुरक्षा

CISF Delhi Metro Security: 10 लाइनों पर 12 हजार से ज्यादा जवान, रोज 70 लाख यात्रियों की सुरक्षा

1 hour पहले
Today 10 Big News: नेपाल में तबाही से लेकर अभिषेक बनर्जी विवाद तक, पढ़ें 27 अगस्त की 10 बड़ी खबरें

Today 10 Big News: नेपाल में तबाही से लेकर अभिषेक बनर्जी विवाद तक, पढ़ें 27 अगस्त की 10 बड़ी खबरें

1 hour पहले
बंगाल में अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर कार्रवाई, बिलबोर्ड हटाने पहुंची KMC टीम; कैमैक्स स्ट्रीट पर हंगामा

बंगाल में अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर कार्रवाई, बिलबोर्ड हटाने पहुंची KMC टीम; कैमैक्स स्ट्रीट पर हंगामा

1 hour पहले
Sugar Price Hike: महंगी हुई चीनी, खरीद पर भी लिमिट; Blinkit-Zepto-Swiggy समेत दुकानों में तय मात्रा

Sugar Price Hike: महंगी हुई चीनी, खरीद पर भी लिमिट; Blinkit-Zepto-Swiggy समेत दुकानों में तय मात्रा

3 hours पहले
EXPLORE

कैटेगरी

समाचार विज्ञान और प्रौद्योगिकी खेल स्वास्थ्य ज्योतिष शहर और राज्य व्यापार अर्थव्यवस्था खबर ज़रा हटके
NAV24 NEWS

तेज़, स्पष्ट और जिम्मेदार हिंदी पत्रकारिता — बड़ी खबरें, राज्य, टेक, खेल और विश्लेषण एक पेशेवर डिजिटल न्यूज़रूम प्रस्तुति में।

FacebookInstagramYouTube

प्रमुख सेक्शन

  • समाचार
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • ज्योतिष
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • अर्थव्यवस्था
  • शहर और राज्य
  • खबर ज़रा हटके

हमारे बारे में

  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • प्राइवेसी पॉलिसी
  • डिस्क्लेमर

फॉलो करें

Facebook, Instagram और YouTube पर NAV24 News से जुड़ें और ब्रेकिंग अपडेट सबसे पहले पाएँ।

YouTube चैनल
© 2026 NAV24 NEWS. सर्वाधिकार सुरक्षित। Design by Sync Soft Solution • Web Design, Development & Digital Marketing Agency • Delhi NCR, India