यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि भारत, मिस्र और तुर्की ने ब्लैक सी में सुरक्षित आवाजाही और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। जेलेंस्की ने यह बात न्यूयॉर्क में हुए इंटरनेशनल क्रीमिया प्लेटफॉर्म के छठे शिखर सम्मेलन में कही।
रूस के जवाब का इंतजार
जेलेंस्की के मुताबिक, इन देशों के सुझाव लिखित रूप में मौजूद हैं। यूक्रेन उस रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है, जिससे ब्लैक सी में सुरक्षा और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि अब रूस की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि अगर रूस तनाव कम करने के लिए ठोस कदम उठाता है, तो यूक्रेन भी ब्लैक सी में सुरक्षित आवाजाही और खाद्य सुरक्षा के लिए अपनी भूमिका निभाने को तैयार है।
ब्लैक सी में तनाव का मुद्दा
जेलेंस्की ने अपने भाषण में कहा कि ब्लैक सी में जारी संघर्ष का असर खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है। उन्होंने क्रीमिया और ब्लैक सी की स्थिति को रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ते हुए रूस से तनाव कम करने की अपील की। ये उनके भाषण में कही गई बातें हैं।
भारत की भूमिका का भी किया जिक्र
जेलेंस्की ने इससे पहले भी भारत के साथ ब्लैक सी और युद्ध से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का जिक्र किया था। 3 सितंबर को उन्होंने कहा था कि भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक में यूक्रेन युद्ध खत्म करने और ब्लैक सी में नागरिक जहाजों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
वहीं, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भी हाल में बताया था कि तुर्की ने ब्लैक सी में हमले रोकने के लिए यूक्रेन और रूस के सामने कुछ प्रस्ताव रखे हैं।
इस तरह ब्लैक सी में सुरक्षित जहाजरानी और अनाज समेत अन्य सामान की आवाजाही को लेकर कूटनीतिक बातचीत जारी है।



