Ujjain Road Widening News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के दायरे में आने वाले कई मकानों और धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। इसी क्रम में शाही मस्जिद के सड़क की जद में आने वाले हिस्से को हटाने की प्रक्रिया भी जारी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच सहमति के बाद मस्जिद से जुड़े लोगों की ओर से प्रभावित हिस्सा हटाने का काम किया जा रहा है।
15 मीटर चौड़ी की जा रही सड़क
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए शहर की सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के दायरे में बड़ी संख्या में मकान और धार्मिक स्थल आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार इस रास्ते पर कुल 14 धार्मिक स्थल प्रभावित होने थे और प्रशासन तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से 12 धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है। कई मंदिरों को पूरी तरह तोड़ने के बजाय सुरक्षित तरीके से पीछे शिफ्ट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
शाही मस्जिद का पूरा ढांचा नहीं हटाया जा रहा
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए पूरी शाही मस्जिद को हटाने की कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रस्तावित सड़क के 15 मीटर अलाइनमेंट में आने वाले हिस्से को ही हटाया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार प्रभावित हिस्से में नमाज स्थल का कुछ भाग, करीब 120 फीट ऊंची मीनार और मजहर चौक शाही का हिस्सा शामिल है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सितंबर में मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बनी सहमति
28 सितंबर को प्रशासन और मस्जिद से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद प्रभावित हिस्से को शांतिपूर्ण तरीके से हटाने पर सहमति बनी। रिपोर्ट के अनुसार प्रशासन की मशीनों से सीधे कार्रवाई करने के बजाय मस्जिद से जुड़े लोगों ने प्रभावित हिस्से को खुद हटाने की प्रक्रिया शुरू की। 29 सितंबर को भी यह प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी सामने आई।
मस्जिद कमेटी से जुड़े प्रतिनिधि ने कहा कि मुस्लिम समाज सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में सहयोग कर रहा है और प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
28 सितंबर को बिगड़े थे हालात
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान 28 सितंबर को उज्जैन में विरोध और पथराव की स्थिति बन गई थी। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

इसके बाद प्रशासन और स्थानीय धार्मिक प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के जरिए स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की गई। शहर काजी और मस्जिद से जुड़े प्रतिनिधियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील भी की।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद आगे बढ़ा काम
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चली। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मस्जिद कमेटी की अपील पर सुनवाई करते हुए सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किया। इसके बाद प्रशासन के लिए निर्धारित परियोजना के तहत काम आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।
बाद में मस्जिद प्रबंधन और उज्जैन नगर निगम के बीच सहमति बनने के बाद हाईकोर्ट में लंबित अपीलों का भी निपटारा हो गया। रिपोर्ट के अनुसार समझौते में प्रभावित हिस्से को हटाने, मीनार को स्थानांतरित करने और कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाओं से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
सिंहस्थ 2028 के लिए हो रहा है इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है। इसे देखते हुए शहर में सड़क, यातायात और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम किए जा रहे हैं। प्रशासन का तर्क है कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख मार्गों को पर्याप्त चौड़ा करना जरूरी है।
सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में कई धार्मिक और आवासीय संरचनाएं प्रभावित हुई हैं। कुछ धार्मिक स्थलों को पीछे शिफ्ट किया गया है, जबकि कुछ स्थानों के प्रभावित हिस्से हटाए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन की कोशिश है कि परियोजना के साथ कानून-व्यवस्था भी बनी रहे।
फिलहाल उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच बनी सहमति के बाद काम आगे बढ़ रहा है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था भी कायम रखी गई है। (AAJ TAK)
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