यमन में जारी गृहयुद्ध के बीच एक बार फिर हवाई हमला हुआ है। शनिवार (7 नवंबर 2026) को राजधानी सना के पास एक कस्बे में सऊदी अरब की तरफ से एयरस्ट्राइक किए जाने का दावा किया गया है। इस हमले में 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुताबिक, यमन में दोबारा संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 1,600 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 3 लाख से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा है।
राहत और बचाव टीमों को भी बनाया निशाना
हूती समूह की समाचार एजेंसी सबा के मुताबिक, अल-शरिया इलाके में सऊदी लड़ाकू विमानों ने हमला किया। इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, जबकि 30 लोग घायल हुए हैं।
हूती समूह के टीवी चैनल अल-मसीरा ने भी मृतकों और घायलों की यही संख्या बताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा था।
सबा न्यूज एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि हवाई हमले के दौरान पैरामेडिक्स यानी घायलों की मदद करने वाली मेडिकल टीमों को भी निशाना बनाया गया। बताया गया कि विमानों ने दो बार हमला किया।
सऊदी अरब ने क्या कहा?
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में लड़ रहे सऊदी अरब ने इस एयरस्ट्राइक के दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि उसने रियाद प्रांत की ओर दागी गई हूती मिसाइल को रास्ते में ही नष्ट कर दिया।
यमन में पहले भी हुआ था बड़ा हमला
यमन में हिंसा का सिलसिला लगातार जारी है। इससे पहले शुक्रवार (6 नवंबर) को ताइज प्रांत के एक बाजार पर हुए हमले में 30 लोगों की मौत हो गई थी।
हूती समूह ने इस हमले के लिए सऊदी अरब के हवाई हमलों को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, यमन की सरकारी सेना ने आरोप लगाया कि ईरान समर्थित हूती समूह ने बाजार पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था।
इस तरह यमन में जारी संघर्ष के कारण आम नागरिकों की जान पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
नोट: इस खबर में हताहतों और हमले से जुड़ी जानकारी हूती मीडिया के दावों पर आधारित है।



