मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कांग्रेस, इंडिया गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने-अपने तरीके से विरोध जताने की तैयारी की है। राहुल गांधी ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। वहीं, CJP के नेता जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगने की तैयारी में हैं।
क्या है इंडिया गठबंधन का प्लान?
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की घोषणा की है। इससे पहले 6 अक्टूबर को भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर छात्रों, नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों से मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले सभी लोगों को एकजुट होकर आगे आना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्च में लोग पार्टी, जाति, धर्म, लिंग और राज्य के भेदभाव से ऊपर उठकर भारतीय नागरिक के रूप में हिस्सा लें।
राहुल गांधी ने क्या रखीं मांगें?
राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लोगों को एक साथ खड़ा होना चाहिए।
राहुल गांधी के मुताबिक, मार्च के बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें तीन प्रमुख मांगें रखी जाएंगी:
- चुनाव में कथित वोट चोरी को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं।
- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाई जाए।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और RSS प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।
कॉकरोच जनता पार्टी का क्या है प्लान?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर बताया कि 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे वह सौरव दास, रत्ना सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे।
पार्टी का उद्देश्य जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना देने के लिए तारीख तय करवाना है।
आशुतोष रांका ने कहा कि दिल्ली पुलिस को 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन के लिए तारीख देने का समय दिया गया है। अगर पुलिस तय समय में अनुमति नहीं देती है, तो CJP खुद ही नए विरोध प्रदर्शन की घोषणा करेगी।
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस, इंडिया गठबंधन और CJP की ओर से की जा रही गतिविधियों के बीच दिल्ली में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। राहुल गांधी ने व्यापक भागीदारी की अपील की है, जबकि CJP जंतर-मंतर पर धरने के लिए अनुमति लेने की तैयारी में है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित मार्च और धरने को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है और प्रदर्शनकारी अपनी आगे की रणनीति कैसे तय करते हैं।



