भारत सरकार ने विदेश मंत्रालय में सचिव सुधाकर दलेला को नेपाल में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। सुधाकर दलेला 1993 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वह जल्द ही अपना नया पद संभालेंगे।
दलेला नेपाल में नवीन श्रीवास्तव की जगह लेंगे। नवीन श्रीवास्तव का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भारत और नेपाल अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
भारत और नेपाल के रिश्तों में सुधार के संकेत
सुधाकर दलेला की नियुक्ति को भारत और नेपाल के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे पहले भारत आमतौर पर नेपाल में अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को नियुक्त करता था। अब सचिव स्तर के अधिकारी को राजदूत बनाए जाने को दोनों देशों के रिश्तों को दिए जा रहे महत्व के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, नेपाल ने भी भारत में अपने नए राजदूत के रूप में निश्चल पांडे के नाम को मंजूरी दी है।
दोनों देशों में ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा की तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में इन बदलावों से दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सुधाकर दलेला का विदेश सेवा में अनुभव
सुधाकर दलेला भारतीय विदेश सेवा के अनुभवी अधिकारी हैं। उन्होंने साल 2022 से 2025 तक भूटान में भारत के राजदूत के रूप में काम किया था। उन्हें दक्षिण एशियाई देशों के साथ भारत के संबंधों का अच्छा अनुभव है।
विदेश मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा है कि दलेला जल्द ही नेपाल में अपना नया कार्यभार संभालेंगे।
विपुल को बनाया गया यमन में भारत का राजदूत
भारत सरकार ने एक अन्य महत्वपूर्ण नियुक्ति में सऊदी अरब में भारत के मौजूदा राजदूत विपुल को यमन गणराज्य में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है।
विपुल 1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी हैं। वह सऊदी अरब में अपनी मौजूदा जिम्मेदारी निभाते रहेंगे और इसके साथ ही यमन में भी भारत के राजदूत का काम संभालेंगे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यमन में उनकी नियुक्ति का मुख्यालय रियाद, सऊदी अरब में रहेगा।
भारत की कूटनीति के लिए क्यों अहम हैं ये नियुक्तियां?
नेपाल और यमन में भारतीय राजदूतों की नियुक्तियां विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। नेपाल भारत का पड़ोसी देश है और दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, ऊर्जा और सांस्कृतिक संबंध हैं।
वहीं, यमन में राजदूत की जिम्मेदारी सऊदी अरब स्थित भारतीय मिशन से संभाली जाएगी। इन नियुक्तियों के जरिए भारत संबंधित देशों के साथ अपने कूटनीतिक संपर्क और सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।



