प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन और ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन से जुड़े बयानों पर विपक्ष को जवाब दिया। एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश कर रही है, लेकिन भारत में कुछ लोग अव्यवस्था फैलाने के सपने देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता विदेशों में जाकर भारत की छवि खराब करते हैं और दूसरे देशों से भारत के मामलों में दखल देने की अपील करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया के सामने एक मजबूत भारत की तस्वीर पेश होनी चाहिए। लेकिन कुछ लोग देश की प्रतिष्ठा और उपलब्धियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर भी साधा निशाना
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को ‘परजीवी’ बताते हुए कहा कि पार्टी अपने नेता को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश करती है, लेकिन सफल नहीं हो पाती।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक साल में श्रीहरिकोटा से जितने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, उससे ज्यादा बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिश करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में क्या करती है, इससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन अपने परिवार की नाकामियों को छिपाने के लिए पार्टी भारत की उपलब्धियों, अच्छी बातों और विकास पर सवाल उठा रही है।
कांग्रेस का परिवार पार्टी पर बोझ बन चुका है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का परिवार अब अपनी ही पार्टी पर बोझ बन गया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी इस बात को समझते हैं, लेकिन अपमान के डर से खुलकर कुछ नहीं बोलते।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस के लगातार विरोध और शोर-शराबे के कारण सरकार की आलोचना करने वाले दूसरे लोगों की आवाज भी दब जाती है। उनके मुताबिक, कई लोग लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की नीतियों का विरोध करना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस के हंगामे के बीच उनकी बात सामने नहीं आ पाती।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का विरोध करना गलत नहीं है, लेकिन विरोध ऐसा होना चाहिए जिससे देश के हितों और लोकतांत्रिक चर्चा को नुकसान न पहुंचे।



