दिल्ली के कई इलाकों में अगले करीब 20 दिनों तक गंगाजल की सप्लाई प्रभावित रहने वाली है। उत्तर प्रदेश में अपर गंगा कैनाल की सालाना सफाई के कारण दिल्ली को मिलने वाला गंगाजल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इसका असर करीब 50 से 60 लाख लोगों पर पड़ सकता है। इस दौरान दिल्ली जल बोर्ड पानी की जरूरत पूरी करने के लिए यमुना के पानी का इस्तेमाल करेगा।
जानकारी के मुताबिक, अपर गंगा कैनाल से दिल्ली को रोजाना करीब 240 से 250 एमजीडी पानी मिलता है। इस पानी को सोनिया विहार और भागीरथी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ करके लोगों के घरों तक पहुंचाया जाता है।
नहर की सफाई का काम 20 अक्टूबर की रात से शुरू हुआ है और 8 नवंबर की रात तक चलने की योजना है। इस दौरान दिल्ली जल बोर्ड वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पानी की सप्लाई जारी रखने की कोशिश करेगा।
सोनिया विहार प्लांट से जुड़े इन इलाकों पर पड़ेगा असर
सोनिया विहार वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 140 एमजीडी है। यहां से पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पानी की सप्लाई होती है। इनमें मयूर विहार, शकरपुर, लक्ष्मी नगर, पांडव नगर, कोंडली, त्रिलोकपुरी, न्यू अशोक नगर, सीलमपुर, वेलकम, जाफराबाद, दिलशाद गार्डन, शाहदरा, विवेक विहार, यमुना विहार, गोकलपुरी और करावल नगर शामिल हैं।
इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और नई दिल्ली के कुछ इलाकों को भी इस प्लांट से पानी मिलता है। गंगाजल की आपूर्ति रुकने के कारण इन क्षेत्रों में यमुना के पानी से जरूरत पूरी करने की व्यवस्था की जाएगी।
भागीरथी प्लांट से पानी पाने वाले इलाकों में भी असर
भागीरथी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता करीब 110 एमजीडी है। यहां से उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पानी पहुंचाया जाता है।
इनमें गोकलपुर, भागीरथी विहार, दिलशाद गार्डन, यमुना विहार, सीलमपुर, भजनपुरा, मुस्तफाबाद, शाहदरा और विवेक विहार जैसे इलाके शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में करीब 35 से 40 लाख लोगों को इन दोनों प्लांट से पानी मिलता है। ऐसे में गंगाजल की सप्लाई बंद रहने के दौरान वैकल्पिक जलस्रोतों पर निर्भरता बढ़ जाएगी।
मुरादनगर से 24 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन से आता है पानी
अपर गंगा कैनाल का पानी उत्तर प्रदेश के मुरादनगर स्थित रेगुलेटर तक पहुंचता है। वहां से दिल्ली जल बोर्ड करीब 24 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी को सोनिया विहार और भागीरथी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट तक लाता है।
नहर की सफाई के दौरान इस रास्ते से पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार से अनुरोध किया है कि अगले 20 से 21 दिनों तक हथिनी कुंड बैराज से यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाए।
यमुना के पानी से पूरी की जाएगी जरूरत
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, गंगाजल की आपूर्ति बंद रहने के दौरान यमुना के पानी को साफ करके लोगों तक पहुंचाने की योजना है। इसके लिए दोनों वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
इस दौरान कुछ लोगों को पानी के स्वाद या उसमें मौजूद खनिजों के कारण मामूली अंतर महसूस हो सकता है। हालांकि, जल बोर्ड ने बताया है कि पानी के स्रोत में बदलाव होने के बावजूद उसे शोधित करने के बाद पेयजल की सुरक्षा और गुणवत्ता बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
इसलिए प्रभावित इलाकों के लोगों को अगले कुछ दिनों तक पानी की सप्लाई में होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना चाहिए।



