संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद ने फ्लाई दुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। अबू धाबी में आयोजित एक कार्यक्रम में कैप्टन स्मित को उनकी बहादुरी और यात्रियों की जान बचाने के लिए ‘ऑर्डर ऑफ जायद II’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान फ्लाई दुबई के अन्य क्रू सदस्यों को भी सम्मान दिया गया।
बताया गया है कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना विमान में पैदा हुई गंभीर स्थिति का सामना किया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
किसने दिया कैप्टन स्मित को सम्मान?
कैप्टन स्मित माछर और फ्लाई दुबई के क्रू सदस्यों को दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने सम्मानित किया। इस दौरान क्रू की बहादुरी, जिम्मेदारी और मुश्किल हालात में दिखाए गए साहस की सराहना की गई।
UAE की ओर से की गई जांच में विमान को हाईजैक करने की कोशिश को आतंकी हमले से जुड़ा मामला बताया गया है। आरोप है कि विमान के सह-पायलट ने विमान को इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट से टकराने की योजना बनाई थी। इन आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच के निष्कर्षों को देखना जरूरी है।
कब और कैसे हुई थी घटना?
दी गई जानकारी के मुताबिक, यह घटना 30 सितंबर को हुई थी। उस समय कैप्टन स्मित माछर फ्लाई दुबई के विमान को UAE से इजरायल ले जा रहे थे। इसी दौरान विमान के ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर विमान पर कब्जा करने की कोशिश की।
आरोप है कि सह-पायलट ने कॉकपिट में रखी आपातकालीन कुल्हाड़ी से भारतीय कैप्टन पर हमला किया। इसके बावजूद कैप्टन स्मित ने मुश्किल हालात का सामना किया।
बताया गया है कि इसके बाद कॉकपिट का दरवाजा खुला और विमान में मौजूद यात्रियों ने सह-पायलट को काबू करने में मदद की। इस तरह विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाया जा सका।
फ्लाई दुबई के क्रू की भी हुई तारीफ
इस घटना में कैप्टन स्मित के साथ विमान के दूसरे क्रू सदस्यों की भूमिका को भी अहम माना गया। UAE के अधिकारियों ने उनके साहस और जिम्मेदारी की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
कैप्टन स्मित माछर को मिला यह सम्मान मुश्किल परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनके प्रयासों को पहचान देता है। हालांकि, घटना और कथित साजिश से जुड़ी जानकारियों को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करना जरूरी है।



