साइक्लोन अर्नब ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तटीय इलाकों को पार किया। इस तूफान से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 8 लोगों की मौत होने की खबर है। कहीं बिजली का करंट लगने से तो कहीं पेड़ गिरने के कारण लोगों की जान गई। तूफान के दौरान तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, तट पार करते समय तूफान की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी। तेज झोंकों के दौरान हवा की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। हालांकि, सुबह 8:30 बजे तक इसकी ताकत कम हो गई और यह बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान से गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया।
करीब 1.8 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया
तूफान से पहले आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। दोनों राज्यों में मिलाकर 1.8 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और कोनसीमा समेत कई इलाकों में तूफान से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई। खराब मौसम के कारण बुधवार को विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा आने-जाने वाली कई उड़ानें भी रद्द कर दी गईं।
छह घंटे से ज्यादा समय तक चला लैंडफॉल
मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोन अर्नब बुधवार रात करीब 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तट से गुजरा। तूफान का लैंडफॉल बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिण-पश्चिम में हुआ।
तूफान के तट पार करने की प्रक्रिया छह घंटे से ज्यादा समय तक चली। IMD के सुबह 9:50 बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, तूफान का केंद्र नरसापुर, यनम, काकीनाडा और मछलीपट्टनम के आसपास के तटीय क्षेत्र में था। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान का केंद्र पूरी तरह जमीन पर आ चुका था और लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो गई थी।
अब धीरे-धीरे कमजोर होगा तूफान
तट पार करते समय अर्नब बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान था। बाद में इसकी ताकत कम हुई। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, यह अगले 48 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है।
अनुमान है कि पहले यह चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आएगा और इसके बाद गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है। हालांकि, तूफान कमजोर होने के बावजूद कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना रह सकता है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की आशंका
तूफान के तट पार करने के बाद भी मौसम सामान्य नहीं हुआ है। तटीय आंध्र प्रदेश में 29 अक्टूबर को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
रायलसीमा में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। वहीं, दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश की भी आशंका है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने का खतरा भी बना हुआ है।
दिल्ली से मध्य प्रदेश तक बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने तूफान और दूसरी मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए कई राज्यों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
- दिल्ली: 29 अक्टूबर को बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है। 30 अक्टूबर को गरज के साथ बारिश हो सकती है।
- मध्य प्रदेश: 29 अक्टूबर को बहुत भारी और 30 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका है।
- तेलंगाना, विदर्भ और छत्तीसगढ़: कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
- झारखंड, ओडिशा और बिहार: कुछ क्षेत्रों में बारिश और खराब मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
तूफान की ताकत कम होने के बावजूद मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र की ऊंची लहरों से सावधान रहने की जरूरत है।
नोट: इस खबर में तूफान का नाम, मौतों का आंकड़ा और मौसम विभाग के बुलेटिन से जुड़े दावे मूल सामग्री के आधार पर लिखे गए हैं।



