करवा चौथ का त्योहार इस साल गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम को पूजा करती हैं और रात में चंद्रमा के दर्शन करके व्रत खोलती हैं।
करवा चौथ पर महिलाओं को सबसे ज्यादा इंतजार चांद निकलने का रहता है। बिहार में इस साल चंद्रोदय का समय अलग-अलग शहरों में थोड़ा अलग हो सकता है। दिए गए समय के अनुसार, पटना में रात 7 बजकर 52 मिनट पर चांद निकलने की संभावना है। हालांकि, मौसम और आसमान में बादल होने के कारण चंद्रमा दिखाई देने में देरी हो सकती है।
करवा चौथ 2026: पूजा और चंद्रोदय का समय
पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को दोपहर 1:06 बजे से शुरू होकर रात 10:09 बजे तक रहेगी।
- करवा चौथ की तारीख: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक
- चंद्रमा निकलने का सामान्य समय: रात 8:17 बजे
ध्यान दें कि चांद निकलने का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए अपने स्थानीय चंद्रोदय समय की पुष्टि जरूर करें।
बिहार के अलग-अलग शहरों में कब निकलेगा करवा चौथ का चांद?
दी गई जानकारी के अनुसार, बिहार के प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का संभावित समय इस प्रकार है:
| शहर | चांद निकलने का समय |
|---|---|
| पटना | रात 7:52 बजे |
| गया | रात 7:51 बजे |
| मुजफ्फरपुर | रात 7:47 बजे |
| भागलपुर | रात 7:44 बजे |
| पूर्णिया | रात 7:40 बजे |
| दरभंगा | रात 7:46 बजे |
| आरा | रात 7:52 बजे |
ये समय अनुमानित हैं। वास्तविक चंद्रोदय में स्थानीय परिस्थितियों के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है।
करवा चौथ की पूजा कैसे करें?
करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह व्रत का संकल्प लेती हैं और पूरे दिन उपवास रखती हैं। शाम को शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। इसके बाद करवा चौथ की कथा सुनी जाती है।
रात में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। फिर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं और व्रत खोलती हैं।
बादल और बारिश से बढ़ सकता है चांद का इंतजार
मौसम में बदलाव, बादल और बारिश के कारण कुछ जगहों पर चंद्रमा दिखाई देने में देरी हो सकती है। ऐसे में चंद्रोदय का निर्धारित समय होने के बावजूद चांद नजर आने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
इसलिए करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं स्थानीय मौसम और चंद्रोदय के समय पर ध्यान दें।
जरूरी सूचना: प्रकाशन से पहले पंचांग और शहरवार चंद्रोदय के समय की पुष्टि किसी विश्वसनीय स्थानीय स्रोत से कर लें, क्योंकि दिए गए समय में अंतर संभव है।



