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उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह हीराकुंड एक्सप्रेस के पहुंचने के दौरान रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ जवानों के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि एक महिला यात्री की सुरक्षा के लिए ट्रेन रुकवाने को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।

आरोप है कि आरपीएफ के कुछ जवानों ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए। घटना के बाद प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर तक ट्रेन भी रुकी रही। मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

वहीं इस पूरे मामले में महिला यात्री रंजीता राव का पक्ष सामने आया है। उसने बताया- ‘हमारी या सर (डिप्टी स्टेशन अधीक्षक) की कोई गलती नहीं थी। हमारे पैर में चोट लगी है। मैं मिठाई ले रही थी, पैसे देने लगी इतने में ट्रेन चल पड़ी। मैं चढ़ नहीं पाई तो सर ने या किसी ने ट्रेन रुकवा दी। इतने में वो पुलिस वाले (RPF) वाले आए और सर से मारपीट करने लगे। मेरे और सर के खिलाफ FIR करवाई है और मुझसे 1 हजार रुपए भी लिए हैं।’

आपको बता दें कि लुधियाना से सफर कर रही रंजीता राव ट्रेन के आगरा कैंट पहुंचने पर पेठा खरीदने के लिए उतरी थीं। इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। महिला के अनुरोध पर डिप्टी एसएस नरेंद्र सिंह चाहर ने गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी, ताकि वह सुरक्षित सवार हो सके। इसी बीच पहुंचे आरपीएफ कर्मियों ने चेन पुलिंग का मामला समझ लिया। डिप्टी एसएस के स्थिति स्पष्ट करने के बावजूद दोनों पक्षों में तीखी बहस के बाद मारपीट शुरू हो गई।

जानकारी के मुताबिक रेलवे कर्मचारी जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के आदेश दिए। जीआरपी भी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कॉन्स्टेबल बदन सिंह और जितेंद्र को निलंबित कर दिया गया है। रेलवे के अनुसार जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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