संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारतीय शिक्षकों के लिए नौकरी का पसंदीदा देश बनता जा रहा है। यहां तेजी से बढ़ रहे निजी स्कूल, टैक्स-फ्री सैलरी, बेहतर जीवनशैली और बड़ी भारतीय आबादी के कारण शिक्षकों को अच्छे करियर के अवसर मिल रहे हैं। इसी वजह से भारत के हजारों बी.एड. (B.Ed.) पास युवा अब अपने शिक्षण करियर को आगे बढ़ाने और बेहतर नौकरी की तलाश में यूएई का रुख कर रहे हैं।

अच्छी बात ये है कि अगर आपने भारत में बैचलर ऑफ एजुकेशन (B. Ed) की डिग्री हासिल की है, तो आप आराम से UAE में जाकर जॉब कर सकते हैं। इस क्वालिफिकेशन के जरिए UAE में आसानी से टीचिंग करियर की शुरुआत की जा सकती है।
UAE का एजुकेशन सिस्टम में कैसे पा सकते है टीचर ?
संयुक्त अरब अमीरात में टीचर बनने से पहले आपको ये समझना होगा कि यहां का एजुकेशन सिस्टम कैसा है? इसके पीछे की वजह ये है कि हर एक अमीरात के अपने-अपने नियम-कायदे हैं…..
- मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन (शिक्षा मंत्रालय): ये केंद्र सरकार के अधीन आने वाली संस्था है, जो UAE में सभी तरह की एजुकेशन से जुड़ी चीजें देखती है। इसका काम सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के स्कूलों की निगरानी करना है, जो ज्यादातर आबू धाबी और उत्तरी अमीरात में स्थित हैं।
- नॉलेज एंड ह्यूमन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KHDA): KHDA खास तौर पर दुबई के प्राइवेट स्कूलों को रेगुलेट करता है। अगर आप दुबई के किसी प्राइवेट स्कूल (जैसे ब्रिटिश, अमेरिकन, IB, इंडियन/CBSE करिकुलम वाले स्कूल) में पढ़ाना चाहते हैं, तो आप पर KHDA के नियम लागू होंगे।
- आबू धाबी एजुकेशन एंड नॉलेज (ADEK): इसका काम आबू धाबी के प्राइवेट स्कूलों को रेगुलेट करना है।
- अन्य अमीरात (शारजाह, अजमान, उम्म अल-क्वैन, फुजैराह, रास अल-खैमाह): यहां के प्राइवेट स्कूल मंजूंरी के लिए सीधे शिक्षा मंत्रालय के साथ काम करते हैं।
ज्यादातर भारतीय B. Ed. होल्डर्स के लिए प्राइवेट स्कूल ही जॉब करने का सबसे आसान रास्ता है। खासकर CBSE/भारतीय करिकुलम वाले बड़ी संख्या में स्कूल और साथ ही ब्रिटिश और अमेरिकन करिकुलम वाले स्कूलों में नौकरी पाना आसान होता है।
टीचर बनने की शर्तें क्या हैं?
UAE सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, UAE में टीचर के तौर पर कानूनी रूप से काम करने के लिए कम से कम संबंधित क्षेत्र (जिस सब्जेक्ट में पढ़ाना है) में बैचलर डिग्री (4 साल की यूनिवर्सिटी डिग्री) या उससे ऊपर की डिग्री होनी चाहिए। B. Ed डिग्री होने की वजह से भारतीय टीचर्स पहले से ही इस जरूरी शर्त को पूरा कर लेते हैं और कई मामलों में तो इससे भी बेहतर योग्यता रखते हैं। टीचर बनने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होता है:
- एजुकेशनल क्वालिफिकेशन: आवेदक के पास मान्यता प्राप्त B. Ed. डिग्री होनी चाहिए। अगर प्राइमरी स्कूल में पढ़ाना है, तो सिर्फ B. Ed. होने से काम चल जाएगा। अगर सब्जेक्ट टीचर (मिडिल या सीनियर स्कूल) के तौर पर जॉ चाहिए है, तो फिर B. Ed. के साथ-साथ उस विषय में भी बैचलर्स डिग्री होनी चाहिए, जिसे आप पढ़ाना चाहते हैं।
- डॉक्यूमेंट अटेस्टेशन: भारतीय यूनिवर्सिटी से मिले सभी डिग्री सर्टिफिकेट और ट्रांसक्रिप्ट का अटेस्टेशन जरूरी है। पहले भारत में (आमतौर पर राज्य के HRD/विदेश मंत्रालय और भारत में UAE एंबेसी से) और फिर UAE पहुंचने के बाद, विदेश मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग (MOFAIC) से भी अटेस्टेशन करवाना होगा।
- अंग्रेजी में महारत: UAE में स्टूडेंट्स को अंग्रेजी में पढ़ाना होता है, जिस वजह से आमतौर पर IELTS स्कोर की जरूरत पड़ती है। अगर इंग्लिश पढ़ाने जा रहे हैं, तो IELTS में कम से कम 7.0 बैंड स्कोर होना चाहिए। अन्य सब्जेक्ट के लिए 6.0-6.5 बैंड स्कोर भी चल जाएगा।
- एक्सपीरियंस: वैसे तो एंट्री लेवल जॉब के लिए एक्सपीरियंस नहीं मांगा जाता है, लेकिन अगर 1-2 साल या उससे ज्यादा का एक्सपीरियंस है, तो फिर टीचिंग जॉब पाने की संभावना भी बढ़ जाती है। खासतौर पर बड़े और नामी स्कूल ज्यादातर एक्सपीरियंस वाले टीचर्स को ही नौकरी देते हैं।
- उम्र की सीमा: शिक्षा मंत्रालय (सरकारी स्कूल) के तहत आने वाली जॉब्स के लिए उम्र की सीमा तय होती है, जैसे, सीनियर क्लास के लिए 50 साल से कम और जूनियर क्लास के लिए 45 साल से कम। हालांकि प्राइवेट स्कूल आम तौर पर इस मामले में ज्यादा फ्लेक्सिबल होते हैं।
- मेडिकल और पुलिस क्लीयरेंस: वीजा और लाइसेंसिंग प्रोसेस के हिस्से के तौर पर फिटनेस डिक्लेरेशन और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) की जरूरत होती है।
UAE टीचिंग लाइसेंस लेना जरूरी
UAE ने ‘एजुकेशन प्रोफेशनल लाइसेंस’ शुरू किया है, जो ‘टीचर एंड एजुकेशन लीडरशिप स्टैंडर्ड्स (TLS)’ सिस्टम का हिस्सा है। UAE में सरकारी या प्राइवेट स्कूल में टीचर के तौर पर काम करने वाले के लिए लाइसेंसिंग प्रोसेस निम्नलिखित तरीके से काम करता है:
- रजिस्टर और अप्लाई करें: जॉब ऑफर मिलने के साथ या उसे पाने की प्रक्रिया के दौरान ही, ऑफिशियल लाइसेंसिंग सिस्टम के जरिए रजिस्टर करें और अप्लाई करें।
- लाइसेंसिंग परीक्षा दें: ये परीक्षाएं पढ़ाने की कैटेगरी (जैसे कि किंडरगार्टन, प्राइमरी, सब्जेक्ट टीचर) के हिसाब से सब्जेक्ट के ज्ञान और पढ़ाने के तरीके (पेडागोजी) को परखती हैं।
- पास नहीं होने पर क्या करें: अगर कोई पहली बार में पास नहीं होता है, तो फिर सिस्टम उसकी परफॉर्मेंस के आधार पर कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग कोर्स देता है ताकि दोबारा एग्जाम से पहले कमियों को दूर किया जा सके।
- पास होने के 3 मौके: लाइसेंसिंग एग्जाम क्लियर करने के लिए 3 मौके दिए जाते हैं। 3 बार फेल होने के बाद दोबारा एग्जाम तभी दे सकते हैं, जब 6 महीने का गैप लिया जाए।
B. Ed वालो को कैसे मिलेगी टीचिंग जॉब ?
बता दें कि सबसे पहले अपने डॉक्यूमेंट अटेस्ट करवाने होंगे, जिनमें बैचलर्स और B. Ed. डिग्री शामिल हैं। पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट आदि भी तय समय पर लेना होगा। इसके बाद IELTS एग्जाम दें, जिसमें कम से कम 7.0 बैंड स्कोर लाने की कोशिश करें। UAE में टीचिंग की जॉब चाहिए, इसलिए CV भी उसी हिसाब से होनी चाहिए। इसके अलावा कवर लेटर और पोर्टफोलियो भी तैयार करें।
डॉक्यूमेंटेशन से जुड़े सारे काम करने के बाद नौकरी के लिए अप्लाई करें। GulfTalent, Bayt और LinkedIn पर टीचर्स की वैकेंसी निकलती रहती हैं। इसके अलावा UAE सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए भी जॉब ढूंढी जा सकती है।
