कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फिर से विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना देने के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगेगी। पिछले दो दिनों से दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस दौरान CJP के कई कार्यकर्ताओं और कुछ पत्रकारों को हिरासत में लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
CJP के नेता और पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदर्शन की अगली रणनीति की जानकारी दी।
12 अक्टूबर को पुलिस स्टेशन जाएंगे CJP नेता
आशुतोष रांका ने बताया कि 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे वह CJP प्रवक्ता सौरव दास, कानूनी मामलों की जानकार रतना दास और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे।
उनका उद्देश्य जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए तारीख तय करवाना है। रांका ने कहा कि दिल्ली पुलिस को 24 घंटे के भीतर धरने की तारीख देने का समय दिया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस तय समय में तारीख नहीं देती है, तो पार्टी खुद ही एक और विरोध प्रदर्शन का ऐलान करेगी।
अभिजीत दीपके बोले- CJP नेता पीछे नहीं हटेंगे
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए उन पर निशाना साधा।
दीपके ने बताया कि उनकी दादी का निधन हो गया है और वह इस दुख की घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए गांव लौट रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही डरेंगे।
दिल्ली पहुंचते ही हिरासत में लिए गए थे CJP नेता
इससे पहले CJP ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास जब मुंबई से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इसके बाद रविवार को तीनों नेताओं को दिल्ली की एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उनकी रिहाई के आदेश दिए, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
अब CJP ने दोबारा प्रदर्शन की अनुमति लेने की तैयारी की है। आगे की स्थिति दिल्ली पुलिस के फैसले और पार्टी की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।



