Loading...
Wed. Jun 24th, 2026

गुजरात सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनोखी पहल करते हुए 28 पुरानी और अनुपयोगी बसों को आधुनिक मोबाइल क्लासरूम में बदल दिया है। इन बसों को सोलर पावर सिस्टम, ब्लैकबोर्ड, स्मार्ट टीवी, एलईडी लाइट्स और खेलकूद के उपकरणों से लैस किया गया है, ताकि नमक श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। वहीं उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में इन बसों का लोकार्पण किया। 

बसों में बच्चों के बैठने के लिए टेबल, कुर्सी, पुस्तकालय, ब्लैक बोर्ड और पेयजल के साथ बच्चों के खेलने की भी सुविधा है। बिना बिजली के भी ये बसें करीब 48 घंटे तक संचालित की जा सकती हैं। इसके अलावा सोलर पावर के चलते स्मार्ट टीवी, एलईडी लाइट आदि बिना किसी रुकावट के कार्य करते रहेंगे। एक बस में बीस छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा सकता है।

आपतो बता दें कि 20 बसें सुरेंद्रनगर जिले की पाटडी तहसील में, चार बसें पाटण के सांतलपुर तथा दो बसें कच्छ के अंजार में नमक श्रमिकों के बच्चों के लिए भेजी गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *