Skip to content
Sunday, 30 August 2026 NAV24 NEWS • हिंदी न्यूज़
FacebookInstagramYouTube
Nav24News
  • समाचार
    • व्यापार
    • दुनिया
    • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • खेल
    • Matches
  • ज्योतिष
  • स्वास्थ्य
  • शहर और राज्य
  • खबर ज़रा हटके
लाइव
होम / खबर ज़रा हटके / Indore News: चार बच्चों को पढ़ाने के लिए…
खबर ज़रा हटके

Indore News: चार बच्चों को पढ़ाने के लिए जिंदगीभर साइकिल के टायर – पंक्चर बनाए, मौत पर कोई अपना नहीं आया

Indore News | Ghanshyam Malviya | Old Age Home | Emotional Story | Madhya Pradesh News – टायर – पंक्चर इंदौर के घनश्याम मालवीय की कहानी रिश्तों और बदलते सामाजिक सरोकारों पर…

Niharika Gupta 30 August 2026, 10:28 am
1 मिनट पढ़ें
Indore News: चार बच्चों को पढ़ाने के लिए जिंदगीभर साइकिल के टायर – पंक्चर बनाए, मौत पर कोई अपना नहीं आया
SHARE Facebook X WhatsApp Telegram

Indore News | Ghanshyam Malviya | Old Age Home | Emotional Story | Madhya Pradesh News – टायर – पंक्चर

इंदौर के घनश्याम मालवीय की कहानी रिश्तों और बदलते सामाजिक सरोकारों पर सवाल खड़े करती है। घनश्याम मालवीय ने पूरी जिंदगी मेहनत करके अपने चार बच्चों का पालन-पोषण किया। उन्होंने साइकिल के टायर और पंक्चर बनाने का काम किया और अपनी कमाई से बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। लेकिन उम्र बढ़ने और लकवे की बीमारी से जूझने के बाद कथित तौर पर उनके बच्चों ने उनका साथ छोड़ दिया। जीवन के आखिरी दिन उन्होंने भोपाल के एक वृद्धाश्रम में बिताए। उनकी मौत के बाद संपत्ति विवाद के चलते कोई बेटा या बेटी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। आखिरकार वृद्धाश्रम के लोगों ने ही उनका अंतिम संस्कार किया।

साइकिल के टायर और पंक्चर बनाकर बच्चों को पढ़ाया

घनश्याम मालवीय ने अपना पूरा जीवन मेहनत और संघर्ष में बिताया। साइकिल के टायर और पंक्चर बनाने का काम करके उन्होंने परिवार का खर्च चलाया। सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने अपने चार बच्चों की परवरिश की और उन्हें पढ़ाने-लिखाने की कोशिश की।

एक पिता के तौर पर उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बच्चों की बेहतर जिंदगी के लिए उन्होंने वर्षों तक मेहनत की।

उम्र बढ़ी तो बदल गई जिंदगी

समय के साथ घनश्याम मालवीय वृद्ध हो गए। इसी दौरान वह लकवे से भी प्रभावित हुए। बीमारी और बढ़ती उम्र के कारण उनके लिए सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया।

बताया गया है कि इस मुश्किल दौर में उन्हें अपने बच्चों का अपेक्षित साथ नहीं मिल सका। आखिरकार उन्हें भोपाल के एक वृद्धाश्रम में रहना पड़ा, जहां उन्होंने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए।

मौत के बाद भी नहीं पहुंचे बच्चे

घनश्याम मालवीय की मौत के बाद सबसे मार्मिक स्थिति तब सामने आई, जब उनके अंतिम संस्कार में परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। बताया गया कि संपत्ति विवाद के चलते उनके बेटे और बेटियां अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचे।

जिस पिता ने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य को संवारने में लगा दिया, उसकी अंतिम यात्रा में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।

वृद्धाश्रम के लोगों ने किया अंतिम संस्कार – टायर

जब परिवार से कोई व्यक्ति अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा तो वृद्धाश्रम के लोगों ने ही जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने घनश्याम मालवीय का अंतिम संस्कार किया।

यह घटना बुजुर्ग माता-पिता की स्थिति और बदलते पारिवारिक रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि जिन माता-पिता ने बच्चों के भविष्य के लिए पूरी जिंदगी मेहनत की, क्या उनके बुढ़ापे में उन्हें अकेला छोड़ देना उचित है?

संपत्ति विवाद ने रिश्तों पर खड़े किए सवाल

घनश्याम मालवीय की मौत के बाद सामने आई जानकारी में संपत्ति विवाद को परिवार के अलगाव की प्रमुख वजह बताया गया है। हालांकि, पूरे विवाद की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों और उपलब्ध दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकती है।

यह मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि बुजुर्गों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर सामाजिक सवाल भी उठाता है।

बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? – टायर

बुजुर्गों की देखभाल परिवार की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। उम्र बढ़ने के साथ उन्हें आर्थिक मदद के साथ भावनात्मक सहयोग और सम्मान की भी जरूरत होती है।

घनश्याम मालवीय की कहानी इसी सवाल को सामने लाती है कि जब माता-पिता अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष करते हैं, तो बुढ़ापे में उनकी देखभाल और सम्मान की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?

META

टायर और पंक्चर का निष्कर्ष

इंदौर के घनश्याम मालवीय की कहानी बेहद मार्मिक है। उन्होंने साइकिल के टायर और पंक्चर बनाकर अपने चार बच्चों की परवरिश की और उन्हें पढ़ाया-लिखाया। उम्र और बीमारी ने जब उन्हें कमजोर कर दिया तो उनका जीवन वृद्धाश्रम तक पहुंच गया। उनकी मौत के बाद कथित संपत्ति विवाद के चलते कोई बेटा या बेटी अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा। आखिरकार वृद्धाश्रम के लोगों ने ही उनका अंतिम संस्कार किया। यह घटना बुजुर्ग माता-पिता के प्रति जिम्मेदारी और बदलते पारिवारिक रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

यह भी पढ़ें – Hanuman Chalisa: रोज हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है? जानिए शास्त्रों में बताए गए फायदे और ग्रहों से जुड़ी मान्यता

यह खबर शेयर करें
REPORTER / AUTHOR

Niharika Gupta

NAV24 News की संपादकीय टीम से प्रकाशित रिपोर्ट।

लेखक की और खबरें →
MORE ON THIS STORY

संबंधित खबरें

Credit Card: क्या बैंक में खाता होना जरूरी है? जानें बिना अकाउंट के कैसे मिल सकता है क्रेडिट कार्ड
खबर ज़रा हटके

Credit Card: क्या बैंक में खाता होना जरूरी है? जानें बिना अकाउंट के कैसे मिल सकता है क्रेडिट कार्ड

11 hours पहले
अरहर की दाल में लगाएं हींग-जीरा का तड़का, स्वाद और खुशबू दोनों हो जाएंगे लाजवाब
खबर ज़रा हटके

अरहर की दाल में लगाएं हींग-जीरा का तड़का, स्वाद और खुशबू दोनों हो जाएंगे लाजवाब

11 hours पहले
29 अगस्त को बनेगा त्रिपुष्कर योग, 18 घंटे तक रहेगा असर; जानें क्या करें और किन कामों से बचें
खबर ज़रा हटके

29 अगस्त को बनेगा त्रिपुष्कर योग, 18 घंटे तक रहेगा असर; जानें क्या करें और किन कामों से बचें

12 hours पहले
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए पंचक में खरीद सकते हैं लकड़ी का झूला? जानें क्या कहते हैं नियम
खबर ज़रा हटके

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए पंचक में खरीद सकते हैं लकड़ी का झूला? जानें क्या कहते हैं नियम

12 hours पहले

अभी महत्वपूर्ण

चमोली में टनल हादसा, 3 मजदूरों की मौत; 16 लोगों का रेस्क्यू भारतीय पासपोर्ट पर सरकार का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: नई SIT हुई सक्रिय, जल्द शुरू होगी जांच की समीक्षा भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर गुरुवार को होगी सुनवाई
NAV24 NEWSROOM

महत्वपूर्ण जानकारी

हमारे बारे मेंNAV24 News और हमारी टीम संपर्क करेंसुझाव, खबर और प्रतिक्रिया प्राइवेसी पॉलिसीडेटा और गोपनीयता जानकारी डिस्क्लेमरप्रकाशन संबंधी जानकारी
NAV24 CONNECT

सोशल मीडिया पर जुड़ें

FacebookInstagramYouTube
Facebook@nav24newsofficial Instagram@nav24news YouTube@OfficialNav24news
SECTION WATCH

खबर ज़रा हटके

Credit Card: क्या बैंक में खाता होना जरूरी है? जानें बिना अकाउंट के कैसे मिल सकता है क्रेडिट कार्ड

Credit Card: क्या बैंक में खाता होना जरूरी है? जानें बिना अकाउंट के कैसे मिल सकता है क्रेडिट कार्ड

11 hours पहले
अरहर की दाल में लगाएं हींग-जीरा का तड़का, स्वाद और खुशबू दोनों हो जाएंगे लाजवाब

अरहर की दाल में लगाएं हींग-जीरा का तड़का, स्वाद और खुशबू दोनों हो जाएंगे लाजवाब

11 hours पहले
29 अगस्त को बनेगा त्रिपुष्कर योग, 18 घंटे तक रहेगा असर; जानें क्या करें और किन कामों से बचें

29 अगस्त को बनेगा त्रिपुष्कर योग, 18 घंटे तक रहेगा असर; जानें क्या करें और किन कामों से बचें

12 hours पहले
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए पंचक में खरीद सकते हैं लकड़ी का झूला? जानें क्या कहते हैं नियम

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए पंचक में खरीद सकते हैं लकड़ी का झूला? जानें क्या कहते हैं नियम

12 hours पहले
LATEST

ताज़ा खबरें

Hanuman Chalisa: रोज हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है? जानिए शास्त्रों में बताए गए फायदे और ग्रहों से जुड़ी मान्यता

Hanuman Chalisa: रोज हनुमान चालीसा पढ़ने से क्या होता है? जानिए शास्त्रों में बताए गए फायदे और ग्रहों से जुड़ी मान्यता

1 hour पहले
Credit Card: क्या बैंक में खाता होना जरूरी है? जानें बिना अकाउंट के कैसे मिल सकता है क्रेडिट कार्ड

Credit Card: क्या बैंक में खाता होना जरूरी है? जानें बिना अकाउंट के कैसे मिल सकता है क्रेडिट कार्ड

11 hours पहले
अरहर की दाल में लगाएं हींग-जीरा का तड़का, स्वाद और खुशबू दोनों हो जाएंगे लाजवाब

अरहर की दाल में लगाएं हींग-जीरा का तड़का, स्वाद और खुशबू दोनों हो जाएंगे लाजवाब

11 hours पहले
29 अगस्त को बनेगा त्रिपुष्कर योग, 18 घंटे तक रहेगा असर; जानें क्या करें और किन कामों से बचें

29 अगस्त को बनेगा त्रिपुष्कर योग, 18 घंटे तक रहेगा असर; जानें क्या करें और किन कामों से बचें

12 hours पहले
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए पंचक में खरीद सकते हैं लकड़ी का झूला? जानें क्या कहते हैं नियम

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए पंचक में खरीद सकते हैं लकड़ी का झूला? जानें क्या कहते हैं नियम

12 hours पहले
EXPLORE

कैटेगरी

समाचार विज्ञान और प्रौद्योगिकी खेल स्वास्थ्य ज्योतिष शहर और राज्य व्यापार अर्थव्यवस्था खबर ज़रा हटके
NAV24 NEWS

तेज़, स्पष्ट और जिम्मेदार हिंदी पत्रकारिता — बड़ी खबरें, राज्य, टेक, खेल और विश्लेषण एक पेशेवर डिजिटल न्यूज़रूम प्रस्तुति में।

FacebookInstagramYouTube

प्रमुख सेक्शन

  • समाचार
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • ज्योतिष
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • अर्थव्यवस्था
  • शहर और राज्य
  • खबर ज़रा हटके

हमारे बारे में

  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • प्राइवेसी पॉलिसी
  • डिस्क्लेमर

फॉलो करें

Facebook, Instagram और YouTube पर NAV24 News से जुड़ें और ब्रेकिंग अपडेट सबसे पहले पाएँ।

YouTube चैनल
© 2026 NAV24 NEWS. सर्वाधिकार सुरक्षित। Design by Sync Soft Solution • Web Design, Development & Digital Marketing Agency • Delhi NCR, India