Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को संसद परिसर में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के सांसद आमने-सामने नजर आए। दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर जमकर नारे लगाए। वहीं विपक्ष की ओर से छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार से जवाब की मांग की जा रही है।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने की अपील की है। रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर जवाब देने को तैयार हैं। सरकार की ओर से विपक्ष से अपील की गई है कि वह सदन की कार्यवाही बाधित न करे और गृह मंत्री का जवाब सुने।
Parliament Monsoon Session: संसद परिसर में भिड़े BJP और विपक्षी सांसद
मंगलवार को संसद परिसर का माहौल काफी गरम नजर आया। NDA और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी सांसद अलग-अलग प्रदर्शन करते हुए आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के सांसदों के हाथों में पोस्टर और प्लेकार्ड थे और वे नारेबाजी कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों समूहों के बीच घेरा बनाकर स्थिति को संभाला।
NDA सांसदों ने संसद परिसर में मार्च किया और विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। भाजपा सांसदों का कहना था कि जब सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, तो विपक्ष को सदन में चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।
वहीं विपक्ष लगातार सरकार से छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांग रहा है। यही मुद्दा संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का बड़ा कारण बना हुआ है।
संसद में राहुल गांधी को लेकर BJP ने लगाए नारे
संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान NDA सांसदों ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया। सांसदों ने ‘राहुल गांधी जवाब दो’ और ‘राहुल गांधी भागो मत’ जैसे नारे लगाए। भाजपा सांसदों का आरोप है कि विपक्ष संसद के अंदर चर्चा से बच रहा है, जबकि सरकार संबंधित मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है।
भाजपा की ओर से खासतौर पर इस बात को उठाया गया कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में विपक्ष को सदन की कार्यवाही में शामिल होकर चर्चा करनी चाहिए।
यह टकराव उस समय सामने आया है जब संसद में पहले से ही कई मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद चल रहे हैं।
संसद में रिजिजू बोले- राहुल गांधी को भागना नहीं चाहिए
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी और विपक्ष से संसद की कार्यवाही में शामिल होने की अपील की। रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देंगे।
रिजिजू ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि उन्हें संसद में अमित शाह के सामने अपने सवाल रखने चाहिए और चर्चा में शामिल होना चाहिए। उनके बयान का मुख्य संदेश यही था कि विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए, ताकि सरकार अपना पक्ष रख सके।
सरकार का कहना है कि संसद में चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और विपक्ष को अपने सवाल सदन में रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
Amit Shah Parliament News: अमित शाह देने वाले हैं जवाब
संसद में जारी गतिरोध के बीच सरकार ने छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की पेशकश की है। सरकार के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह सदन में इस विषय पर जवाब देने के लिए तैयार हैं।
विपक्ष की ओर से लंबे समय से गृह मंत्री से इस मामले में जवाब की मांग की जा रही थी। सरकार की ओर से अब चर्चा के लिए सहमति जताए जाने के बाद माना जा रहा था कि संसद में गतिरोध कम हो सकता है, लेकिन मंगलवार को दोनों पक्षों के अलग-अलग प्रदर्शन से साफ है कि राजनीतिक तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है।
अमित शाह के संभावित जवाब को लेकर भी राजनीतिक हलकों में नजर बनी हुई है। विपक्ष जिन मुद्दों पर सरकार से स्पष्टीकरण चाहता है, उन पर गृह मंत्री का पक्ष महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Student Protest: छात्रों के प्रदर्शन पर क्यों हो रहा है हंगामा?
संसद में इस समय छात्रों के प्रदर्शन और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा प्रमुख बना हुआ है। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों से जुड़े आंदोलनों को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
विपक्ष की मांग है कि सरकार इस पूरे मामले पर सदन में स्पष्ट स्थिति रखे। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह स्वयं जवाब देने वाले हैं।

यही वजह है कि यह मुद्दा अब संसद के भीतर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
BJP vs Congress: दोनों पक्षों के क्या आरोप हैं?
संसद में जारी गतिरोध के बीच BJP और कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगा रहे हैं।
BJP का पक्ष:
भाजपा का कहना है कि विपक्ष को सदन में चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। सरकार जब छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री जवाब देने वाले हैं, तो विपक्ष को कार्यवाही में सहयोग करना चाहिए।
विपक्ष का पक्ष:
विपक्ष छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
इस राजनीतिक खींचतान के कारण संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है।
संसद परिसर में दोनों पक्षों का प्रदर्शन
मंगलवार को संसद परिसर में हुए प्रदर्शन ने राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया। NDA सांसदों ने प्लेकार्ड के साथ मार्च किया, जबकि विपक्षी सांसद भी अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। दोनों समूहों के बीच सुरक्षा कर्मियों ने दूरी बनाए रखने की कोशिश की।
यह तस्वीर संसद के मानसून सत्र में बढ़ते राजनीतिक तनाव को दिखाती है। सदन के अंदर चर्चा और कानून निर्माण होना चाहिए, लेकिन लगातार विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण कार्यवाही पर असर पड़ रहा है।
Lok Sabha में आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत से संसद का गतिरोध खत्म होगा। सरकार ने अमित शाह के जवाब की पेशकश करके विपक्ष की एक प्रमुख मांग को स्वीकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लगातार विपक्ष से अपील कर रहे हैं कि वह सदन की कार्यवाही चलने दे। सरकार का कहना है कि सभी जरूरी सवालों पर चर्चा की जा सकती है, लेकिन इसके लिए सदन का सुचारू रूप से चलना जरूरी है।
दूसरी ओर विपक्ष की ओर से भी अपनी मांगों को लेकर दबाव जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के अंदर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
Parliament Monsoon Session 2026: क्यों अहम है यह मुद्दा?
संसद का काम केवल सरकार के फैसलों को मंजूरी देना नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब मांगना भी है। विपक्ष का काम सरकार से सवाल करना है, जबकि सरकार का दायित्व उन सवालों का जवाब देना और अपनी नीतियों का पक्ष रखना है।
ऐसे में छात्रों से जुड़े प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि दोनों पक्ष सदन में चर्चा के जरिए अपना पक्ष रखते हैं, तो इससे जनता को भी सरकार और विपक्ष दोनों की स्थिति समझने का मौका मिलता है।
क्या खत्म होगा संसद का गतिरोध?
फिलहाल संसद में गतिरोध खत्म होने की कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है। सरकार ने चर्चा और अमित शाह के जवाब की पेशकश की है, लेकिन मंगलवार को संसद परिसर में BJP और विपक्ष के अलग-अलग प्रदर्शन से राजनीतिक खींचतान जारी रहने के संकेत मिले हैं।
अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष सरकार की पेशकश को स्वीकार कर सदन में चर्चा करता है या अपनी अन्य मांगों को लेकर विरोध जारी रखता है।
निष्कर्ष
Parliament Monsoon Session 2026 में BJP और कांग्रेस के बीच टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को संसद परिसर में दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आए और जमकर नारेबाजी हुई। भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए उनसे जवाब देने की मांग की, जबकि विपक्ष छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।



