रक्षाबंधन आज 28 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। यह त्योहार भाई-बहन के प्यार, विश्वास और मजबूत रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी सुख-समृद्धि व लंबी उम्र की कामना करती है। वहीं भाई अपनी बहन की हमेशा रक्षा करने का संकल्प लेता है।
राखी का यह धागा सिर्फ एक परंपरा नहीं है, बल्कि भाई-बहन के बीच प्यार, जिम्मेदारी और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक भी माना जाता है।
ऐसे मनाया जाता है रक्षाबंधन
रक्षाबंधन के दिन घर में खुशी और उत्साह का माहौल रहता है। बहनें भाई के लिए पूजा की थाली सजाती हैं। इसके बाद भाई को तिलक लगाकर आरती की जाती है और उसकी कलाई पर राखी बांधी जाती है। राखी बांधने के बाद भाई-बहन एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हैं।
भाई भी अपनी बहन को उपहार देता है और उसके सुखी जीवन की कामना करता है।
दूर रहकर भी मनाएं रक्षाबंधन
आजकल कई भाई-बहन पढ़ाई, नौकरी या दूसरे कारणों से अलग-अलग शहरों और देशों में रहते हैं। ऐसे में वे एक-दूसरे के साथ राखी का त्योहार नहीं मना पाते। हालांकि, फोन कॉल, वीडियो कॉल और शुभकामना संदेशों के जरिए वे इस खास दिन की खुशियां एक-दूसरे के साथ बांट सकते हैं।
अगर आप भी अपने भाई, बहन, परिवार या दोस्तों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो ये खास संदेश भेज सकते हैं।
रक्षाबंधन के खास शुभकामना संदेश
रिश्तों में मिठास बनी रहे, हर खुशी तुम्हारे पास रहे,
भाई-बहन का ये प्यारा बंधन, हर जन्म यूं ही खास रहे।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं!
कलाई पर सजे राखी का धागा, दिल में रहे अपनों का प्यार,
भाई-बहन का रिश्ता यूं ही महकता रहे,
खुशियों से भर जाए पूरा संसार।
शुभ रक्षाबंधन!
न कोई दूरी रिश्ते को कम कर पाए,
न वक्त कभी अपनापन भुला पाए,
राखी का ये पावन धागा हर पल,
भाई-बहन को दिल से करीब लाए।
रक्षाबंधन की शुभकामनाएं!
बचपन की शरारतें और वो मीठी तकरार,
राखी के धागे में छिपा है बेशुमार प्यार।
यू ही खिलता रहे भाई-बहन का संसार,
रक्षाबंधन पर मिले खुशियों का उपहार।
दूरियां चाहे कितनी भी हों, दिलों में प्यार कम न हो,
राखी का ये पावन रिश्ता कभी कमजोर न हो.
हर जन्म मिले भाई-बहन का साथ,
और हर दिन खुशियों की सौगात.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि NAV24news किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
यह भी पढ़े- एक ब्लड टेस्ट बताएगा शरीर के अंगों की ‘असली उम्र’, दिमाग की उम्र से अल्जाइमर का भी पता चलेगा



