रूस के नॉर्थ कौकशस इलाके के काबार्डिनो-बालकारिया क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ है। यहां माउंट मिजिरगी पर हिमस्खलन की चपेट में पर्वतारोहियों का एक समूह आ गया। इस हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 6 पर्वतारोही अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
यह घटना रविवार, 6 सितंबर 2026 को स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 5 बजे हुई। बताया गया कि पर्वतारोहियों का समूह पहाड़ पर मौजूद था, तभी अचानक हिमस्खलन आ गया।
33 पर्वतारोहियों का था समूह
स्थानीय इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक, इस समूह में कुल 33 पर्वतारोही शामिल थे। सोमवार, 7 सितंबर को सुबह करीब 9 बजे तक 10 पर्वतारोही खुद पहाड़ से नीचे उतरने में कामयाब रहे।
हालांकि, हादसे के बाद 6 पर्वतारोहियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
50 से ज्यादा लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे
हिमस्खलन के बाद स्थानीय इमरजेंसी सर्विस की टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान में 50 से ज्यादा बचावकर्मी जुटे हुए हैं।
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहाड़ी का दुर्गम इलाका है। इसके अलावा दोबारा हिमस्खलन होने का खतरा भी बना हुआ है, जिससे बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
5,000 मीटर से ज्यादा ऊंची चोटियों में शामिल है मिजिरगी
रिपोर्ट के मुताबिक, माउंट मिजिरगी रूस के कौकशस क्षेत्र की ऊंची और बर्फ से ढकी चोटियों में शामिल है। यह उन 12 चोटियों में से एक है, जिनकी ऊंचाई 5,000 मीटर से ज्यादा है।
माउंट मिजिरगी की ढलानें ग्लेशियरों से ढकी हुई हैं। यहां पर्वतारोहण के लिए तकनीकी माउंटेनियरिंग स्किल्स की जरूरत होती है, इसलिए यह इलाका काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
यूरोप की सबसे ऊंची चोटी भी कौकशस में
कौकशस पर्वत श्रृंखला को मुख्य रूप से ग्रेटर कौकशस और लेसर कौकशस में बांटा गया है। ग्रेटर कौकशस रेंज में माउंट एल्ब्रुस स्थित है।
माउंट एल्ब्रुस की ऊंचाई 5,642 मीटर है और इसे यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माना जाता है। माउंट मिजिरगी पर हुए हिमस्खलन के बाद लापता पर्वतारोहियों की तलाश लगातार जारी है।
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