Skip to content
Thursday, 20 August 2026 NAV24 NEWS • हिंदी न्यूज़
FacebookInstagramYouTube
Nav24News
  • समाचार
    • व्यापार
    • दुनिया
    • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • खेल
    • Matches
  • ज्योतिष
  • स्वास्थ्य
  • शहर और राज्य
  • खबर ज़रा हटके
लाइव
होम / समाचार / सावन में नॉनवेज क्यों छोड़ा जाता है? जानें…
समाचार

सावन में नॉनवेज क्यों छोड़ा जाता है? जानें धार्मिक परंपरा से लेकर सेहत तक की वजह

सावन शुरू होते ही कई घरों में चिकन, मटन, मछली और अंडा खाना बंद कर दिया जाता है। कुछ लोग इस दौरान प्याज और लहसुन भी नहीं खाते। लेकिन सवाल यह है…

Priyanka Shaw 19 August 2026, 11:47 pm
1 मिनट पढ़ें
सावन में नॉनवेज क्यों छोड़ा जाता है? जानें धार्मिक परंपरा से लेकर सेहत तक की वजह
SHARE Facebook X WhatsApp Telegram

सावन शुरू होते ही कई घरों में चिकन, मटन, मछली और अंडा खाना बंद कर दिया जाता है। कुछ लोग इस दौरान प्याज और लहसुन भी नहीं खाते। लेकिन सवाल यह है कि भगवान शिव की पूजा और नॉनवेज छोड़ने का क्या संबंध है?

सावन में मांसाहार न करने की परंपरा के पीछे सिर्फ धार्मिक कारण नहीं हैं। इसमें साधना, संयम, जीव-दया, मानसून और भोजन की सुरक्षा जैसे कई पहलू जुड़े हुए हैं।

सावन में नॉनवेज छोड़ने का धार्मिक कारण

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान लोग सोमवार का व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और पूजा-पाठ के साथ ध्यान और जप करते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार साधना के समय शरीर, मन और भोजन में शुद्धता और संयम रखना चाहिए। इसलिए इस महीने हल्का और सात्त्विक भोजन करने पर जोर दिया जाता है। नॉनवेज छोड़ना भी कई लोगों के लिए आत्मसंयम और धार्मिक अनुशासन का हिस्सा है।

भगवद्गीता में क्या कहा गया है?

भगवद्गीता के 17वें अध्याय में भोजन को व्यक्ति के स्वभाव और गुणों से जोड़ा गया है। इसमें ताजे और पौष्टिक भोजन को सात्त्विक बताया गया है, जबकि बहुत अधिक तीखे, खट्टे और नमकीन भोजन को राजसिक तथा बासी और अशुद्ध भोजन को तामसिक बताया गया है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि भगवद्गीता में सीधे यह आदेश नहीं दिया गया है कि सावन में मांसाहार नहीं करना चाहिए। सावन में नॉनवेज छोड़ने की परंपरा सात्त्विकता, संयम और अहिंसा जैसी धार्मिक भावनाओं से जुड़ी हुई है।

चातुर्मास और जीव-दया का संबंध

सावन चातुर्मास की अवधि में आता है। धार्मिक परंपरा में चातुर्मास को तप, व्रत, दान और इंद्रियों पर नियंत्रण का समय माना गया है।

पुराने समय में बारिश के दौरान साधु-संत अपनी यात्राएं कम कर एक जगह रहकर साधना करते थे। इसके पीछे रास्तों की कठिनाइयों के अलावा छोटे जीवों को अनजाने में नुकसान से बचाने की भावना भी बताई जाती है।

बारिश के मौसम में कई जीव-जंतुओं की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में मांसाहार और शिकार कम करने की परंपरा को जीव-दया और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता से भी जोड़ा जाता है।

मानसून में नॉनवेज खाने से बीमारी होती है?

सिर्फ सावन का महीना होने के कारण नॉनवेज खाना वैज्ञानिक रूप से नुकसानदायक नहीं माना जाता। असली चिंता मानसून में भोजन की सफाई, भंडारण और पकाने के तरीके को लेकर होती है।

चिकन, मटन, मछली और अंडे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थ हैं। अगर इन्हें सही तापमान पर नहीं रखा जाए या अच्छी तरह पकाया न जाए तो हानिकारक बैक्टीरिया से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।

बारिश के मौसम में गंदा पानी, मक्खियां, अस्वच्छ बाजार और खराब कोल्ड-चेन जैसी समस्याएं भी भोजन की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।

पुराने समय में फ्रिज और सुरक्षित खाद्य परिवहन की सुविधा नहीं थी, इसलिए बारिश के मौसम में जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की परंपरा का एक व्यावहारिक कारण भी हो सकता है।

सावन में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है?

अक्सर कहा जाता है कि सावन में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। लेकिन इसे हर व्यक्ति पर लागू होने वाला वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जा सकता।

बारिश के मौसम में कम शारीरिक गतिविधि, उमस, संक्रमण या ज्यादा तला-भुना भोजन कुछ लोगों में गैस, अपच और भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि सावन में नॉनवेज खाने वाला हर व्यक्ति बीमार हो जाएगा।

सावन में नॉनवेज खाना चाहिए?

यह फैसला व्यक्ति की आस्था, पारिवारिक परंपरा और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। जो लोग धार्मिक साधना के दौरान नॉनवेज छोड़ते हैं, उनके लिए यह संयम और जीव-दया का हिस्सा है।

वहीं, जो लोग नॉनवेज खाते हैं, उन्हें बारिश के मौसम में इसकी ताजगी, साफ-सफाई, सही तापमान पर रखने और अच्छी तरह पकाने का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

कुल मिलाकर, सावन में नॉनवेज छोड़ने की परंपरा को सिर्फ बीमारी के डर से जोड़ना सही नहीं होगा। इसके पीछे धार्मिक आस्था, संयम, जीव-दया और पुराने समय की भोजन संबंधी सावधानियां भी जुड़ी हुई हैं।

सावन का संदेश यही है कि कुछ समय के लिए अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखें, मन को शांत करें और प्रकृति व जीवों के प्रति संवेदनशील रहें।

य़ह भी पढ़े- Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

यह खबर शेयर करें
REPORTER / AUTHOR

Priyanka Shaw

NAV24 News की संपादकीय टीम से प्रकाशित रिपोर्ट।

लेखक की और खबरें →
MORE ON THIS STORY

संबंधित खबरें

GAD-7 टेस्ट से समझें एंग्जायटी का स्तर, 10 से ज्यादा स्कोर का क्या मतलब?
समाचार

GAD-7 टेस्ट से समझें एंग्जायटी का स्तर, 10 से ज्यादा स्कोर का क्या मतलब?

16 hours पहले
तुलसीदास जयंती पर जानें घर में रामचरितमानस रखने के नियम, इन जगहों पर न रखें
समाचार

तुलसीदास जयंती पर जानें घर में रामचरितमानस रखने के नियम, इन जगहों पर न रखें

17 hours पहले
Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
समाचार

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

20 hours पहले
रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E.coli बैक्टीरिया, रेलवे ने उठाए बड़े कदम
समाचार

रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E.coli बैक्टीरिया, रेलवे ने उठाए बड़े कदम

3 days पहले

अभी महत्वपूर्ण

चमोली में टनल हादसा, 3 मजदूरों की मौत; 16 लोगों का रेस्क्यू भारतीय पासपोर्ट पर सरकार का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: नई SIT हुई सक्रिय, जल्द शुरू होगी जांच की समीक्षा भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर गुरुवार को होगी सुनवाई
NAV24 NEWSROOM

महत्वपूर्ण जानकारी

हमारे बारे मेंNAV24 News और हमारी टीम संपर्क करेंसुझाव, खबर और प्रतिक्रिया प्राइवेसी पॉलिसीडेटा और गोपनीयता जानकारी डिस्क्लेमरप्रकाशन संबंधी जानकारी
NAV24 CONNECT

सोशल मीडिया पर जुड़ें

FacebookInstagramYouTube
Facebook@nav24newsofficial Instagram@nav24news YouTube@OfficialNav24news
SECTION WATCH

समाचार

GAD-7 टेस्ट से समझें एंग्जायटी का स्तर, 10 से ज्यादा स्कोर का क्या मतलब?

GAD-7 टेस्ट से समझें एंग्जायटी का स्तर, 10 से ज्यादा स्कोर का क्या मतलब?

16 hours पहले
तुलसीदास जयंती पर जानें घर में रामचरितमानस रखने के नियम, इन जगहों पर न रखें

तुलसीदास जयंती पर जानें घर में रामचरितमानस रखने के नियम, इन जगहों पर न रखें

17 hours पहले
Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

20 hours पहले
रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E.coli बैक्टीरिया, रेलवे ने उठाए बड़े कदम

रेलवे स्टेशनों के पानी में मिला E.coli बैक्टीरिया, रेलवे ने उठाए बड़े कदम

3 days पहले
LATEST

ताज़ा खबरें

GAD-7 टेस्ट से समझें एंग्जायटी का स्तर, 10 से ज्यादा स्कोर का क्या मतलब?

GAD-7 टेस्ट से समझें एंग्जायटी का स्तर, 10 से ज्यादा स्कोर का क्या मतलब?

16 hours पहले
तुलसीदास जयंती पर जानें घर में रामचरितमानस रखने के नियम, इन जगहों पर न रखें

तुलसीदास जयंती पर जानें घर में रामचरितमानस रखने के नियम, इन जगहों पर न रखें

17 hours पहले
दिनभर की 10 बड़ी खबरें: 19 अगस्त 2026 की देश-दुनिया की बड़ी खबरें, NTA में बड़ा बदलाव से लेकर भारत की शानदार जीत तक

दिनभर की 10 बड़ी खबरें: 19 अगस्त 2026 की देश-दुनिया की बड़ी खबरें, NTA में बड़ा बदलाव से लेकर भारत की शानदार जीत तक

19 hours पहले
Delhi Tikri Kalan CNG Blast: ट्रक में CNG भरवाते समय जोरदार धमाका, 1 की मौत और 5 घायल; इलाके में मची अफरा-तफरी

Delhi Tikri Kalan CNG Blast: ट्रक में CNG भरवाते समय जोरदार धमाका, 1 की मौत और 5 घायल; इलाके में मची अफरा-तफरी

19 hours पहले
हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की बड़ी जीत, पाकिस्तान को 5-3 से हराया; टूर्नामेंट से बाहर हुई पड़ोसी टीम

हॉकी वर्ल्ड कप में भारत की बड़ी जीत, पाकिस्तान को 5-3 से हराया; टूर्नामेंट से बाहर हुई पड़ोसी टीम

19 hours पहले
EXPLORE

कैटेगरी

समाचार विज्ञान और प्रौद्योगिकी खेल स्वास्थ्य ज्योतिष शहर और राज्य व्यापार अर्थव्यवस्था खबर ज़रा हटके
NAV24 NEWS

तेज़, स्पष्ट और जिम्मेदार हिंदी पत्रकारिता — बड़ी खबरें, राज्य, टेक, खेल और विश्लेषण एक पेशेवर डिजिटल न्यूज़रूम प्रस्तुति में।

FacebookInstagramYouTube

प्रमुख सेक्शन

  • समाचार
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • ज्योतिष
  • स्वास्थ्य
  • व्यापार
  • अर्थव्यवस्था
  • शहर और राज्य
  • खबर ज़रा हटके

हमारे बारे में

  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • प्राइवेसी पॉलिसी
  • डिस्क्लेमर

फॉलो करें

Facebook, Instagram और YouTube पर NAV24 News से जुड़ें और ब्रेकिंग अपडेट सबसे पहले पाएँ।

YouTube चैनल
© 2026 NAV24 NEWS. सर्वाधिकार सुरक्षित। Design by Sync Soft Solution • Web Design, Development & Digital Marketing Agency • Delhi NCR, India