शहजाद Bhatti Terror Network: स्वतंत्रता दिवस से पहले भारत में कथित पाकिस्तान-समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा ऑपरेशन चलाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों में कार्रवाई करते हुए 253 लोगों को गिरफ्तार किया। एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क पर देश में हिंसा और आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं को जोड़ने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान हथियार, विस्फोटक और निगरानी से जुड़े उपकरण भी बरामद किए गए।
सोशल मीडिया बना भर्ती का जरिया
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क का एक अहम तरीका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बताया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी से जुड़े लोग सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करते थे।
शहजाद भट्टी की सोशल मीडिया पर बड़ी मौजूदगी बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उसके इंस्टाग्राम पर करीब 2.5 लाख और फेसबुक पर 4.5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। एजेंसियों का आरोप है कि इसी डिजिटल पहुंच का इस्तेमाल युवाओं को प्रभावित करने और नेटवर्क में जोड़ने के लिए किया जाता था।
14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कार्रवाई की। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान 14 राज्यों में छापेमारी की गई और 200 से ज्यादा संदिग्ध नेटवर्क सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। बाद की रिपोर्टों में गिरफ्तारियों की संख्या 253 तक बताई गई है।
इस कार्रवाई का मकसद उन लोगों तक पहुंचना था, जिन पर पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में रहकर भारत में नेटवर्क खड़ा करने का आरोप है।
हथियार और विस्फोटक बरामद – शहजाद
जांच एजेंसियों की कार्रवाई में कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए जाने की बात सामने आई है। इनमें IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे शामिल बताए गए हैं।
कुछ ग्रेनेड पर पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान होने का भी दावा किया गया है। हालांकि, बरामदगी और उससे जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
80 से ज्यादा FIR दर्ज
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग राज्यों में 80 से ज्यादा FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और एजेंसियां गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े दूसरे संदिग्धों की तलाश कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश में भी इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई है। यूपी पुलिस के मुताबिक, राज्य में नेटवर्क के खिलाफ 12 मामले दर्ज किए गए और 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि नेटवर्क सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और युवाओं को छोटी आपराधिक गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था।
कौन है शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी को भारतीय एजेंसियां पाकिस्तान में मौजूद एक अपराधी और कथित आतंकी नेटवर्क के संचालक के तौर पर देख रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उसका नेटवर्क अपराध और कट्टरपंथ के बीच कनेक्शन बनाने की कोशिश करता था।
जांच एजेंसियों का दावा है कि भट्टी सोशल मीडिया की पहुंच का इस्तेमाल नए लोगों तक पहुंचने के लिए करता था। उसके ऑनलाइन फॉलोअर्स की संख्या भी काफी ज्यादा बताई गई है।
ISI कनेक्शन का दावा
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और गृह मंत्रालय की ओर से इस नेटवर्क को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स भारत में मौजूद लोगों को निर्देश देते थे।
हालांकि पाकिस्तान ने भारत के इन आरोपों को खारिज किया है। पाकिस्तान की ओर से अमित शाह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत पर भी आरोप लगाए गए।
इसलिए मामले में भारत के आरोप, पाकिस्तान का खंडन और जांच एजेंसियों से सामने आ रही जानकारी—तीनों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले क्यों थी बड़ी चुनौती?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर कार्रवाई ऐसे समय की गई जब देश स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में था।
15 अगस्त से पहले देशभर में सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कड़ी रहती है। ऐसे में किसी आतंकी नेटवर्क की संभावित गतिविधियों को समय रहते रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होती है।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण बताया।
सोशल मीडिया पर एजेंसियों की नजर
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए होने वाली संदिग्ध भर्ती और कट्टरपंथी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि संदिग्धों को किस तरह संपर्क किया गया, उन्हें कौन निर्देश देता था और उनके बीच पैसों या दूसरे संसाधनों का लेन-देन किस माध्यम से होता था।
यही वजह है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल कम्युनिकेशन भी जांच का अहम हिस्सा बताए जा रहे हैं।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
इस ऑपरेशन की खास बात इसका व्यापक दायरा है। कार्रवाई केवल एक राज्य या शहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि 14 राज्यों में एजेंसियों ने कार्रवाई की।
इससे जांच एजेंसियों को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि नेटवर्क का वास्तविक ढांचा कितना बड़ा था और इसके अलग-अलग राज्यों में कौन-कौन से संपर्क मौजूद थे।
आगे भी जारी रहेगी जांच

253 गिरफ्तारियों के बाद भी जांच खत्म नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, फंडिंग और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि नेटवर्क ने किन गतिविधियों के लिए लोगों को तैयार किया था और क्या किसी बड़े हमले की योजना वास्तव में बनाई गई थी।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, कार्रवाई ने संभावित साजिशों को समय रहते रोकने में मदद की।
शहजाद का निष्कर्ष
Shahzad Bhatti Network News: भारत में कथित ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा किया है। 14 राज्यों में कार्रवाई, 253 गिरफ्तारियां और 80 से ज्यादा FIR इस ऑपरेशन के बड़े आंकड़े हैं। एजेंसियों के अनुसार नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा था Shahzad Bhatti Network पर रिपोर्ट पढ़ें
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