जब भी हम नया स्मार्टफोन खरीदते हैं, उसकी स्क्रीन को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले टेम्पर्ड ग्लास या स्क्रीन प्रोटेक्टर लगवाते हैं। बाजार में अलग-अलग कीमत और क्वालिटी के स्क्रीन प्रोटेक्टर उपलब्ध हैं।
अब सरकार ने इनकी गुणवत्ता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को BIS यानी ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के दायरे में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता के लिए एक तय मानक लागू करना है।
स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए तय हुआ नया भारतीय मानक
सरकार ने Compulsory Registration Order, 2021 में संशोधन किया है। यह बदलाव BIS Act, 2016 के तहत किया गया है।
नए नियम के तहत स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य BIS रजिस्ट्रेशन के दायरे में लाया गया है। इसके लिए एक नया भारतीय मानक भी तय किया गया है।
इस मानक का नंबर IS 19348:2025 है और इसका नाम ‘Glass Screen Protector — Specification’ है।
इसका मतलब है कि संबंधित कंपनियों को अपने स्क्रीन प्रोटेक्टर निर्धारित भारतीय मानक के अनुसार बनाने होंगे और लागू BIS रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम
यह नियम तुरंत लागू नहीं होगा। स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगी।
इस तारीख के बाद बाजार में आने वाले संबंधित स्क्रीन प्रोटेक्टर को निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप होना होगा। निर्माताओं और संबंधित कारोबारियों को BIS के नियमों और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी आवश्यकताओं का भी पालन करना होगा।
बाजार में मिलते हैं कई तरह के स्क्रीन प्रोटेक्टर
स्मार्टफोन की स्क्रीन फोन के सबसे महत्वपूर्ण और महंगे हिस्सों में से एक होती है। इसे खरोंच, टूटने और रोजमर्रा के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए लोग टेम्पर्ड ग्लास और अन्य स्क्रीन प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करते हैं।
फिलहाल बाजार में अलग-अलग कीमत और गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे में कई बार ग्राहकों के लिए यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोई स्क्रीन प्रोटेक्टर कितना मजबूत और गुणवत्तापूर्ण है।
नए BIS मानक के लागू होने के बाद इस कैटेगरी में निर्धारित स्पेसिफिकेशन का पालन करना जरूरी होगा।
कंपनियों और कारोबारियों पर क्या असर पड़ेगा?
नए प्रावधान लागू होने के बाद स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों को निर्धारित भारतीय मानकों का पालन करना होगा।
इसके अलावा, जहां जरूरी होगा, वहां उत्पाद और निर्माता को BIS रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
इसका असर स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने, आयात करने और बेचने वाले कारोबारियों पर भी पड़ेगा। उन्हें नए नियमों के अनुसार अपने उत्पाद और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
नए नियम का मुख्य उद्देश्य स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता के लिए एक समान मानक तैयार करना है। इससे बाजार में उपलब्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर एक तय व्यवस्था लागू करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, नियम के पूरी तरह लागू होने के बाद ही इसका बाजार और ग्राहकों पर वास्तविक असर स्पष्ट होगा।



