Twisha Sharma Death Case में CBI का बड़ा एक्शन
भोपाल में पूर्व मॉडल और एक्ट्रेस Twisha शर्मा की मौत के मामले में CBI ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार को विशेष CBI कोर्ट में 636 पन्नों की चार्जशीट पेश की। इसमें त्विषा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
Twisha की मौत 12 मई 2026 को भोपाल स्थित उनके ससुराल में हुई थी। शुरुआती जांच के बाद मामले ने तब गंभीर रूप लिया, जब परिवार की ओर से मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा और दहेज से जुड़े आरोप लगाए गए।
अब CBI की चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
पति और सास पर लगे गंभीर आरोप
CBI ने Twisha के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं। दोनों को CBI ने जांच के दौरान गिरफ्तार किया था और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि त्विषा को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्होंने अपनी जान ले ली। CBI ने दहेज से जुड़े आरोपों और आत्महत्या के लिए उकसाने के पहलू को भी चार्जशीट में शामिल किया है।
12 मई को ससुराल में मिली थी Twisha की लाश
Twisha शर्मा की मौत 12 मई 2026 को भोपाल स्थित उनके वैवाहिक घर में हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह अपने घर में फंदे से लटकी मिली थीं।
मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी। FIR के मुताबिक, समर्थ सिंह त्विषा को AIIMS भोपाल लेकर गए थे और उन्होंने दावा किया था कि त्विषा ने घर में फांसी लगा ली थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया था, जिसके बाद मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया।
घटना के बाद त्विषा के परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए और जांच में गंभीर आरोप लगाए।
दिसंबर 2025 में हुई थी शादी
त्विषा शर्मा और समर्थ सिंह की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के करीब पांच महीने बाद ही त्विषा की मौत हो गई।
Twisha के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि शादी के बाद उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। परिवार ने दहेज से जुड़ी मांगों के भी आरोप लगाए थे।
यही वजह रही कि मामला सामान्य आत्महत्या की घटना तक सीमित नहीं रहा और जांच का दायरा बढ़ता चला गया।
CBI ने क्यों संभाली थी जांच?
शुरुआत में मामले की जांच मध्य प्रदेश पुलिस की SIT कर रही थी। बाद में मामले की गंभीरता और इससे जुड़े विवादों को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी गई।
CBI ने 25 मई 2026 को जांच अपने हाथ में ली थी। इसके बाद एजेंसी ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की, साक्ष्य जुटाए और घटनाक्रम से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की।
जांच के दौरान CBI ने घटनास्थल का रीक्रिएशन भी कराया था और कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की।
दूसरी बार कराया गया पोस्टमार्टम

Twisha की मौत के मामले में पोस्टमार्टम को लेकर भी सवाल उठे थे। परिवार ने शुरुआती पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी।
इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद AIIMS दिल्ली की चार सदस्यीय टीम ने 24 मई को भोपाल में दूसरा पोस्टमार्टम किया।
दूसरे पोस्टमार्टम का उद्देश्य मौत की परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवालों और शुरुआती जांच से जुड़े संदेहों को स्पष्ट करना था।
CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में क्या?
CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट 636 पन्नों की बताई गई है। इसमें जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपों का विस्तृत विवरण शामिल है।
एजेंसी ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज से जुड़े अपराध, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे आरोप लगाए हैं।
हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं। आरोपियों को दोषी ठहराने का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
परिवार ने लगाए थे Twisha पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप
त्विषा के परिवार ने शुरुआत से ही मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। परिवार का कहना था कि त्विषा को शादी के बाद प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिवार ने दहेज की मांग और मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। CBI ने जांच के दौरान इन आरोपों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की।
परिवार की ओर से सामने आए आरोपों और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर अब CBI ने कोर्ट में अपनी चार्जशीट पेश कर दी है।
गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं
इस मामले में आरोपी बनाई गईं गिरिबाला सिंह की पहचान पूर्व जिला जज के रूप में है। उनकी पृष्ठभूमि के कारण यह मामला शुरू से ही काफी चर्चा में रहा।
जुलाई में भोपाल की विशेष CBI अदालत ने गिरिबाला सिंह को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया था। अदालत के सामने यह भी तर्क रखा गया था कि उनकी पूर्व न्यायिक स्थिति के कारण गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
CBI जांच में गवाहों और Twisha की फोरेंसिक रिपोर्ट पर भी फोकस
जांच के अंतिम चरण में CBI ने कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए। एजेंसी ने फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया था।
जुलाई में CBI ने अदालत को बताया था कि कुछ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं और CFSL की पूरी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसी वजह से आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई थी।
अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद जांच में जुटाए गए इन साक्ष्यों की भूमिका अदालत की कार्यवाही में महत्वपूर्ण हो सकती है।
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया था संज्ञान
त्विषा शर्मा केस ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा था। मामले की जांच और न्यायिक पृष्ठभूमि को लेकर उठे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया था।
इसके बाद जांच को CBI को सौंपा गया। एजेंसी ने भोपाल पहुंचकर जांच को आगे बढ़ाया और मामले से जुड़े कई पहलुओं को खंगाला।
इससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आरोपियों की जमानत पर भी नजर
मामले में आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों की जमानत से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है।
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पहले खारिज हो चुकी है। आने वाले समय में मामले की सुनवाई के साथ जमानत और अन्य कानूनी पहलुओं पर भी अदालत में सुनवाई होगी।
अब आगे क्या होगा?
CBI की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में जाएगा। अदालत चार्जशीट और उसमें पेश किए गए दस्तावेजों व साक्ष्यों पर विचार करेगी।
इसके बाद आरोप तय होने और मुकदमे की आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि CBI ने जांच के बाद अपने आरोप कोर्ट के सामने रख दिए हैं। अब आरोपों की कानूनी जांच और ट्रायल के दौरान साक्ष्यों की पड़ताल होगी।
निष्कर्ष
त्विषा शर्मा डेथ केस में CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। एजेंसी ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। दोनों पर दहेज से जुड़े अपराध, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
त्विषा की शादी दिसंबर 2025 में हुई थी और मई 2026 में भोपाल स्थित उनके ससुराल में उनकी मौत हो गई। परिवार ने शुरुआत से ही दहेज और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। जांच पहले स्थानीय पुलिस के पास थी, जिसके बाद CBI ने 25 मई को केस अपने हाथ में लिया।
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