कोच्चि वॉटर मेट्रो की बड़ी सफलता के बाद पीएम मोदी की नेतृ्त्व वाली केंद्र सरकार ने देश के तीन और बड़े शहरों यातायात को सुगम बनाने के लिए ‘वॉटर मेट्रो’ सेवा शुरू करने की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। श्रीनगर, गुवाहाटी और कोलकाता में शहरी जल परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में कई बड़े कदमों को उठाया गया है।
प्रमुख जलमार्गों पर DPR का काम शुरू
एक रिपोर्ट के अनुसार इन शहरों के प्रमुख जलमार्गों जैसे झेलम नदी, डल झील, हुगली और ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास ‘फ्रंट-एंड इंजीनियरिंग डिजाइन’ (FEED) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इन बड़े शहरों की बेहद भीड़-भाड़ वाली सड़कों का एक किफायती और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प तैयार करना है। रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले और आम यात्रियों को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से बचाकर नदियों और झीलों के जरिए सीधे मुख्य शहरी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, यह पहल शहरों में कार्बन उत्सर्जन को कम करके एक साफ़-सुथरी और ग्रीन अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रणाली विकसित करने में मदद करेगी।
फिजिबिलीटी टेस्ट के तहत जगहें कर ली गई शॉर्टलिस्ट
इसके लिए फिजिबिलीटी टेस्ट के तहत तीनों शहरों में रूट और टर्मिनल की जगहें शॉर्टलिस्ट कर ली गई हैं। श्रीनगर में पंथा चौक और हजरतबल समेत 21 जगहें, कोलकाता में हुगली नदी के किनारे बेलूर मठ और हावड़ा समेत 16 घाट, और गुवाहाटी में IIT व एयरपोर्ट कनेक्टिविटी समेत 12 प्रमुख स्थानों की पहचान की गई है। विस्तृत रिपोर्ट (DPR) के जरिए यात्रियों की मांग, टर्मिनल इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय लागत और नियमों की जांच की जा रही है, जिसके बाद आधुनिक बोट्स/फेरी के साथ-साथ क्रूज टर्मिनलों का निर्माण भी शुरू किया जाएगा।
