दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों के लिए अच्छी खबर है। राजधानी में चार्जिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए पांच नए चार्जिंग स्टेशन शुरू किए गए हैं। ये स्टेशन 14 अक्टूबर को आनंद विहार बस अड्डे, नांगलोई, केशव कुंज, रोहिणी सेक्टर-37 और नंद नगरी में शुरू हुए।
इनमें आनंद विहार बस अड्डे पर बना चार्जिंग स्टेशन सबसे बड़ा है। यहां एक साथ 10 इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किए जा सकते हैं। इनमें दो चार्जिंग पॉइंट इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी बनाए गए हैं। बाकी चार स्टेशनों पर एक समय में चार वाहन चार्ज करने की सुविधा होगी।
इन नए स्टेशनों के शुरू होने से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करना आसान होगा।
परिवहन विभाग और DTC संभालेंगे जिम्मेदारी
पांचों नए चार्जिंग स्टेशनों के संचालन की जिम्मेदारी दिल्ली परिवहन विभाग और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को दी गई है।
आनंद विहार बस अड्डे के चार्जिंग स्टेशन का संचालन परिवहन विभाग करेगा। वहीं, नांगलोई, केशव कुंज, रोहिणी सेक्टर-37 और नंद नगरी के स्टेशनों की देखरेख DTC करेगा।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और तेजी से करने की जरूरत है।
दिल्ली में 9,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट
राजधानी में फिलहाल 1,919 चार्जिंग स्टेशन हैं, जहां 9,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध हैं। इसके अलावा, दिल्ली में 232 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी संचालित हो रहे हैं। इन स्टेशनों पर बैटरी बदलने की सुविधा मिलती है।
सरकार ने वर्ष 2030 तक दिल्ली में चार्जिंग पॉइंट की संख्या बढ़ाकर 32,000 करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने हाल ही में दिल्ली में 382 नए चार्जिंग केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी है।
इन नए केंद्रों के बनने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए क्यों जरूरी है चार्जिंग नेटवर्क?
आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण होगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से नए तिपहिया और हल्के मालवाहक वाहनों के इलेक्ट्रिक पंजीकरण से जुड़े बदलाव तय हैं। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से दोपहिया वाहनों के लिए भी निर्धारित बदलाव लागू होंगे।
ऐसे में सरकार की कोशिश है कि लोगों को घर, दफ्तर और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास चार्जिंग की सुविधा मिल सके। इससे वाहन चार्ज करने में होने वाली परेशानी कम होगी और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, दिल्ली में पांच नए चार्जिंग स्टेशन शुरू होने से इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को राहत मिलेगी। हालांकि, वर्ष 2030 तक 32,000 चार्जिंग पॉइंट का लक्ष्य पूरा करने के लिए राजधानी में चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना जरूरी होगा।



