दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्षी दलों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजीव भवन स्थित कार्यालय में INDIA ब्लॉक के घटक दलों की बैठक हुई। इसमें 23 अक्टूबर से जनजागरण अभियान चलाने और 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित रैली को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और जंतर-मंतर को दोबारा विरोध स्थल बनाने जैसे मुद्दे उठाए गए। इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर आंदोलन व्यापक बनाने पर भी चर्चा हुई।
SIR के तहत 47 लाख नाम हटाने का दावा
बैठक में विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के तहत दिल्ली में करीब 47 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। वहीं, लगभग 33 लाख लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
INDIA गठबंधन के नेताओं ने इसे मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से लोगों के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
विपक्षी दलों ने कहा कि आंदोलन को केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जिन लोगों के नाम कथित तौर पर गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें भी अभियान से जोड़ा जाएगा।
23 अक्टूबर से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की तैयारी
INDIA गठबंधन के घटक दल 23 अक्टूबर से दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत मोहल्लों, बस्तियों और गांवों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है।
अभियान में नागरिक समूहों और सामाजिक संगठनों को भी शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। लोगों को SIR से जुड़े मुद्दों की जानकारी देने के लिए पोस्टर, हैंडबिल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाएगा। यह जनजागरण अभियान एक सप्ताह तक चलाने की योजना है।
1 नवंबर को प्रस्तावित रैली की तैयारी
बैठक में 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित INDIA ब्लॉक की रैली को सफल बनाने पर भी सहमति बनी। इसके लिए गठबंधन के सभी घटक दलों से मिलकर काम करने की अपील की गई।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि आंदोलन को दिल्ली के हर इलाके तक पहुंचाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए गठबंधन के विस्तार और सभी दलों के बीच बेहतर तालमेल पर भी चर्चा हुई।
कुल मिलाकर, दिल्ली में SIR के खिलाफ विपक्षी दल जनजागरण अभियान और रैली के जरिए अपना विरोध तेज करने की तैयारी में हैं। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और नोटिस जारी किए जाने से जुड़े आंकड़े बैठक में विपक्ष की ओर से किए गए दावे हैं।



