देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है. पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम के कारण कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) ने 31 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु समेत 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ ओले गिरने की चेतावनी दी गई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में आने वाले दिनों में तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. इससे लोगों को ठंड का एहसास बढ़ने लगेगा.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र
IMD के अनुसार, दक्षिणी अंडमान सागर और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके 31 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के पास डिप्रेशन में बदलने की संभावना है.
इस मौसमी बदलाव के कारण 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक भारी बारिश का अनुमान है.
इसके अलावा असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच बारिश हो सकती है.
इन 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 31 अक्टूबर को देश के 17 राज्यों में बारिश की संभावना जताई है. इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, मणिपुर, त्रिपुरा और असम शामिल हैं.
इन राज्यों के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की आशंका है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है.
चक्रवात अर्नब का किन राज्यों में पड़ा असर?
रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था. इसका असर आंध्र प्रदेश के अलावा कई पड़ोसी राज्यों में भी देखने को मिला. चक्रवात के कमजोर होने के बाद भी कई इलाकों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहा.
इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रभावित हुए.
चक्रवात से फसलों को भारी नुकसान
चक्रवात अर्नब का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के किसानों पर पड़ा है. भारी बारिश और जलभराव के कारण धान की फसल, केले के बागानों और नारियल की खेती को नुकसान पहुंचा है.
29 अक्टूबर को जारी शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में करीब 3.51 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है. इसमें लगभग 3.45 लाख हेक्टेयर में धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है.
वहीं, करीब 22,458 हेक्टेयर बागवानी क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है. इससे लगभग 77,431 किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है.
बारिश और तेज हवाओं से हवा की गुणवत्ता में सुधार
चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई तटीय इलाकों में हवा की गुणवत्ता में कुछ समय के लिए सुधार हुआ. भारी बारिश और तेज हवाओं की वजह से वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण कम हुए.
हालांकि, इसका असर पूरे देश में एक जैसा नहीं रहा. कुछ इलाकों में हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ, जबकि दूसरे क्षेत्रों में स्थिति अलग बनी रही.



