दिल्ली में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए बनाया गया बारापूला फेज-3 फ्लाईओवर अब खुद जाम की बड़ी वजह बनता दिखाई दे रहा है। फ्लाईओवर शुरू होने के समय दावा किया गया था कि मयूर विहार से सिर्फ 15 मिनट में AIIMS पहुंचा जा सकेगा। लेकिन फिलहाल यहां लगने वाले जाम के कारण यह दावा पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
कई रास्तों का ट्रैफिक एक जगह हो रहा मर्ज
जाम की मुख्य वजह फ्लाईओवर का बोटलनेक डिजाइन बताया जा रहा है। बारापूला फेज-1 और फेज-2 की चौड़ाई करीब तीन लेन है। नए फेज-3 की चौड़ाई भी करीब तीन लेन है।
इसके अलावा सराय काले खां और DND की तरफ जाने वाले लूप भी करीब तीन-तीन लेन के हैं। कई दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक आगे जाकर पुराने बारापूला फ्लाईओवर की सिर्फ तीन लेन में मिल जाता है। इसी वजह से खासकर पीक ऑवर में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और लंबा जाम लग रहा है।
फ्लाईओवर का उद्देश्य था सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी
बारापूला फेज-3 का निर्माण सराय काले खां से मयूर विहार तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन फ्लाईओवर खुलने के बाद अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों का दबाव एक सीमित लेन पर बढ़ गया है।
कम लेन में ज्यादा ट्रैफिक आने की वजह से वाहनों की रफ्तार कम हो रही है और जाम की समस्या बढ़ रही है।
PWD मंत्री ने AAP सरकार पर उठाए सवाल
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बारापूला पर जाम के लिए पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के समय तैयार किए गए डिजाइन पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि परियोजना में देरी हुई और पर्याप्त जगह होने के बावजूद सड़क को भविष्य की जरूरत के हिसाब से चौड़ा नहीं किया गया। मंत्री के मुताबिक, अगर अतिरिक्त लेन बनाई जातीं तो ट्रैफिक का दबाव बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।
जाम कम करने के लिए एक अतिरिक्त लेन की तैयारी
सरकार अब जाम से राहत देने के लिए कई विकल्पों पर काम कर रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सुझाव पर सराय काले खां से ITO के बीच फुटपाथ हटाकर एक अतिरिक्त लेन बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा दो-तीन अन्य सुझाव भी मिले हैं। सरकार इन बदलावों को लागू करने से पहले कंसल्टेंट से सलाह ले रही है। मंत्री ने दावा किया कि अगले 10-15 दिनों में जाम की स्थिति में सुधार दिखाई दे सकता है।
Google Maps पर भी ट्रैफिक पैटर्न अपडेट होने में समय
प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बताया कि सरकार की Google के साथ भी बातचीत हुई है। नई सड़क के ट्रैफिक पैटर्न को Google Maps में अपडेट होने में कुछ समय लगता है। इससे लोगों को सही रूट और ट्रैफिक की स्थिति समझने में परेशानी हो सकती है।
मंत्री ने पिछली सरकार पर लगाया अतिरिक्त भुगतान का आरोप
मंत्री ने दावा किया कि बारापूला फेज-3 का डिजाइन 2015 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली तत्कालीन AAP सरकार के दौरान तैयार किया गया था। उनके मुताबिक, उस समय भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए सड़क की क्षमता पर्याप्त नहीं रखी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में आर्बिट्रेशन के जरिए ठेकेदार को 640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।
80 फीसदी काम पहले ही पूरा था: मंत्री
प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के मुताबिक, जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई, तब परियोजना का करीब 80 फीसदी भुगतान हो चुका था। सरकार ने बाकी काम करीब एक साल में पूरा करके फ्लाईओवर को चालू कराया।
अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद सामने आ रही ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए सड़क और लेन व्यवस्था में बदलाव करने पर सरकार का ध्यान है।



