- सिर्फ भीड़ देखकर अपने बच्चों का भविष्य किसी भी शिक्षण संस्थान के भरोसे मत छोड़िए।
- जहां करियर बनना था, क्या वहीं बच्चों की जान खतरे में पड़ रही है?
- क्या कुछ कोचिंग और शिक्षण संस्थान सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं?
- क्या प्रशासन की निगरानी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है?
- क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी?
- हर हादसे के बाद कार्रवाई क्यों? पहले जवाबदेही और सख्ती क्यों नहीं?
- क्या मासूम छात्रों की जिंदगी किसी भी संस्थान की लापरवाही से ज्यादा सस्ती है?
प्रयागराज में खान सर के कोचिंग सेंटर पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. सिविल लाइंस इलाके में लोकसेवा आयोग के पास चलने वाले इस कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया है. जी न्यूज के संवाददाता ने बताया कि यह कार्रवाई प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की ओर से की गई. अधिकारियों का कहना है कि जिस बिल्डिंग में कोचिंग चलाई जा रही थी, वह अनधिकृत श्रेणी में पाई गई.
लखनऊ आग हादसे के बाद प्रशासन की कारवाई शुरू
यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब एक दिन पहले लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान (Lucknow Fire) में भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी. इस घटना में 15 लोगों की जान चली गई, बाद में प्रशासन ने पूरे प्रयागराज जिले में कोचिंग और प्रशिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी तहसीलों में जाकर अग्नि सुरक्षा उपायों की स्थिति का निरीक्षण किया जाए और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाए.
मुख्य अग्निशमन अधिकारी चंद्र मोहन शर्मा ने को बताया कि जांच अभियान के दौरान यह देखा जा रहा है कि संस्थानों में आग बुझाने वाले उपकरण मौजूद हैं या नहीं. अगर उपकरण लगे हैं तो यह भी जांचा जा रहा है कि वे सही हालत में हैं या नहीं. इसके साथ ही छात्रों और कर्मचारियों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि आग लगने की स्थिति में खुद को और दूसरों को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए.
हर दिन मांगी जा रही रिपोर्ट
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान मंगलवार (23 जून) सुबह से शुरू किया गया और सभी संबंधित टीमों को प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी करने को कहा गया है. इसके लिए प्रतिदिन शाम चार बजे तक रिपोर्ट भी मांगी जा रही है. जब तक शिक्षण संस्थानों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक अन्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच को सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं.
नियमों तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि जिन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी खामियां पाई जाएंगी, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और तय समय में सुधार करने का मौका दिया जाएगा. अगर इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया, तो बिजली-पानी का कनेक्शन काटने, संस्थान को सील करने और संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं.
