2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए भारत अपनी दावेदारी को मजबूत करने में जुटा हुआ है। इसी बीच ओलंपिक आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है।
IOC ने बताया कि मेजबान चुनने के लिए नई प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसके तहत इच्छुक देशों और शहरों के प्रस्तावों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। भारत भी 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल माना जा रहा है और इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।
अब सभी की नजरें 2029 पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी किस देश को सौंपी जाएगी।
2036 ओलंपिक्स की मेजबानी पाने के लिए भारत पुरजोर कोशिशें कर रहा है. 10 साल बाद होने वाले ओलंपिक खेलों पर नया अपडेट सामने आया है. अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ (IOC) ने बुधवार को पुष्टि करके बताया कि 2026 ओलंपिक्स का मेजबान साल 2029 में चुना जाएगा. बता दें कि ओलंपिक्स का होस्ट चुनने के लिए एक नई प्रक्रिया लागू की गई है.
2036 ओलंपिक्स के मेजबान पर फैसला साल 2029 के मध्य में लिया जाएगा. यह निर्णय लुसान में IOC के 146वें सत्र के दौरान लिया गया. IOC की फ्यूचर होस्ट कमिशन की चेयरमैन कोलिंडा ग्रबार कितारोविच ने बताया कि भविष्य में होने वाले ओलंपिक खेलों का मेजबान चुनने के लिए अब तीन चरणों वाली चयन प्रक्रिया लागू की जाएगी.
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने रणनीतिक बातचीत वाले चरण को मंजूरी दे दी है, जो मेजबान के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसकी शुरुआत मार्च 2027 से होगी. कोलिंडा ग्रबार कितारोविच, क्रोएशिया की पूर्व राष्ट्रपति रह चुकी हैं और उन्होंने कहा कि जो देश मेजबानी के लिए बिड कर रहे हैं, वे पारदर्शिता चाहते थे. उन्होंने यह भी साफ किया कि IOC का लक्ष्य 2029 के मध्य तक मेजबान के नाम पर मुहर लगाने का है.
बताते चलें कि 2028 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी लॉस एंजेलिस करेगा और 2032 की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन को मिल चुकी है. 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी पाने के लिए भारत लंबे समय से प्रयासरत है. नई प्रक्रिया के तहत जिन भी देशों को मेजबानी के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, उनके साथ 2027 से बातचीत का दौर शुरू होगा.
