दिल्ली में लगातार गिर रहे भूजल स्तर को रोकने के लिए सरकार नई बोरवेल नीति ला रही है। इस नीति के तहत घरेलू और व्यावसायिक इस्तेमाल वाले सभी बोरवेल पर वाटर मीटर लगाए जाएंगे। इससे यह पता चल सकेगा कि कितना भूजल निकाला जा रहा है।
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि शहर में भूजल का इस्तेमाल उसकी भरपाई (रिचार्ज) से ज्यादा हो रहा है। यही वजह है कि कई जगहों पर बोरवेल सूखने लगे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार नए बोरवेल की अनुमति को वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) से जोड़ने पर भी विचार कर रही है।
नई व्यवस्था के तहत, जितना भूजल निकाला जाएगा, उतना ही वर्षा जल के जरिए उसे दोबारा जमीन में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इससे आने वाले समय में भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
जल मंत्री ने कहा कि दिल्ली में पानी की कमी से बचने के लिए बारिश की हर बूंद को बचाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन’ अभियान को दिल्ली सरकार मिशन के रूप में लागू कर रही है। इसी के तहत सरकारी संस्थानों में भी जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों, स्टेडियमों तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों में उपलब्ध एक हजार वर्षा जल संचयन प्रणालियों के पुनर्स्थापन तथा पांच सौ नई वर्षा जल संचयन प्रणाली के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें से अब तक चार सौ वर्षा जल संचयन प्रणालियों का पुनर्स्थापन पूरा किया जा चुका है, अन्य का काम भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
इसी प्रकार एक सौ नई वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित कर दी गई हैं और 250 से अधिक का काम चल रहा है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली जल बोर्ड ने भी स्वतंत्र रूप से 611 उपलब्ध वर्षा जल संचयन प्रणालियों के पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया है, जिनमें से 330 कार्य पूरे हो चुके हैं, 120 पर कार्य जारी है।
बता दें कि दिल्ली जल बोर्ड और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमें विभिन्न सरकारी परिसरों का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि प्रत्येक उपलब्ध वर्षा जल संचयन प्रणाली को क्रियाशील बनाया जा सके तथा आवश्यकता अनुसार नई प्रणाली स्थापित की जा सकें। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने त्यागराज स्टेडियम में पुनर्स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली का निरीक्षण भी किया और जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ पूरे शहर में चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
