जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की।
इस दौरान केजरीवाल ने सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि वह देश के बच्चों के हित में अनशन कर रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले शिक्षकों की भी सराहना की और कहा कि ऐसे लोगों को उनका सलाम है।
आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने ये भी कहा, “4 अप्रैल 2012 का दिन यहां अन्ना हजारे बैठे थे. उस वक्त की सरकार (कांग्रेस नेतृत्व वाली) को बहुत अहंकार था. उस वक्त की सरकार नहीं बची। मैं इस सरकार को कहता हूं कि कॉकरोच जनता पार्टी की बात सुन लो, सोनम वांगचुक की बात सुन लो, नहीं तो ये सरकार भी नहीं बचेगी. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए.”
