वक्फ बोर्ड से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला कल हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। अदालत ने उम्मीद जताई कि हाई कोर्ट सभी पक्षों की दलीलें निष्पक्ष तरीके से सुनने के बाद जल्द फैसला सुनाएगा।
सुनवाई के दौरान केरल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश सिर्फ अंतरिम (अस्थायी) था। ऐसे में इस चरण पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या इस वजह से वक्फ बोर्ड को पूरी तरह काम करने से रोका जा सकता है?
इससे पहले 17 जुलाई को वक्फ बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वी. चितांबारेश ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि दूसरी पार्टी को नोटिस दिए बिना दिए गए अंतरिम आदेश के कारण बोर्ड का कामकाज लगभग ठप हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी तरह के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को अंतरिम राहत दे चुका है।
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की अदालत ने आदेश दिया, ‘..पैरा 6 के तहत बोर्ड को कोई भी पूंजीगत खर्च आदि नहीं करने का निर्देश दिया गया है…। हम इस बात से सहमत हैं कि आदेश के पैरा 6 की अंतिम लाइन को रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसलिए यह निर्देश कि बोर्ड सरकार के संयुक्त सचिव या अतिरिक्त सचिव की निगरानी में काम करेगा, हटाया जाता है। संयुक्त सचिव या अतिरिक्त सचिव बोर्ड के सदस्य के तौर पर काम करते रहेंगे।’ अदालत ने आगे कहा-
“हाई कोर्ट के सामने कल मामला आ रहा है। हमारा निर्णय है कि हाई कोर्ट सभी पार्टियों को निष्पक्ष सुनवाई का मौका देने के बाद मामले पर जल्द फैसला करे”- सुप्रीम कोर्ट
केरल सरकार ने कहा अभी दखल जरूरी नहीं
- सुनवाई के दौरान सीनियर वकील जयदीप गुप्ता केरल सरकार की ओर से पेश हुए।
- उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश अंतरिम था और इस अवस्था में इसमें सुप्रीम कोर्ट की दखल की जरूरत नहीं थी।
- इसपर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस कारण से बोर्ड को पंगु बनाकर क्या रखा जाए।
बता दें कि इससे पहले 17 जुलाई को वरिष्ठ वकील वी चितांबारेश ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग करते हुए कहा था कि दूसरी पार्टी को बिना नोटिस दिए एक अंतरिम आदेश की वजह से बोर्ड लगभग बेकार हो गया है। उन्होंने सर्वोच्च अदालत को यह भी बताया कि एक ऐसे ही मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को अंतरिम राहत दी थी।
