नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने पर सरकार की आलोचना की। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद करना सही फैसला नहीं है। उनका कहना था कि इससे प्रदर्शन नहीं रुकेगा।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार जितना छात्रों और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश करेगी, आंदोलन उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि अगर सभी मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए जाएं, तो युवा पैदल चलकर भी प्रदर्शन में पहुंच जाएंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के बजाय उनकी मांगों और समस्याओं को सुना जाए।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को पूरा करने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा, “इन युवा प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश न करें. वे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का रास्ता निकाल ही लेंगे.”
बता दें कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने बुधवार सुबह सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ और खान मार्केट समेत 16 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए. ये कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन जारी है.
कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस आंदोलन का समर्थन करती है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी इसमें शामिल होने की अपील की.
उन्होंने कहा, “सभी को इसमें शामिल होना चाहिए. हम आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर गए थे. हम सरकार को बताना चाहते हैं कि प्रश्न पत्र लीक हो रहे हैं और परीक्षा प्रणाली विफल हो रही है.”
केजरीवाल ने कहा, “शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं दे सकते? मंत्रियों को तो हमेशा बदला जाता है. शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को दुरुस्त किया जाना चाहिए. हम इस आंदोलन का पूरी तरह से समर्थन करते हैं.”
इसके साथ ही उन्होंने निहत्थे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज सरकार द्वारा किए गए आतंकवाद के समान है.
