आजकल की कारों में मिलने वाले आधुनिक सेफ्टी और कंफर्ट फीचर्स सिर्फ सफर को आरामदायक ही नहीं बनाते, बल्कि कई बार हादसों से बचाने में भी मदद करते हैं। एबीएस, क्रूज कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट, रियर कैमरा और सेंसर, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल जैसे फीचर्स हर ड्राइवर के लिए बेहद उपयोगी हैं। इन फीचर्स का सही इस्तेमाल जानने से ड्राइविंग ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाती है।
एबीएस (Anti-Lock Braking System)
एबीएस एक महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है। अगर अचानक ब्रेक लगानी पड़े, तो यह पहियों को लॉक होने से बचाता है। इससे गाड़ी फिसलती नहीं है और ड्राइवर का स्टीयरिंग पर कंट्रोल बना रहता है। बारिश या फिसलन वाली सड़क पर यह फीचर खास तौर पर काफी मददगार साबित होता है।

क्रूज कंट्रोल
क्रूज कंट्रोल की मदद से कार को एक तय स्पीड पर चलाया जा सकता है, जिससे ड्राइवर को बार-बार एक्सेलेटर दबाने की जरूरत नहीं पड़ती। यह फीचर लंबी दूरी और हाईवे पर ड्राइविंग के दौरान सबसे ज्यादा उपयोगी होता है। इससे पैरों की थकान कम होती है और सफर ज्यादा आरामदायक बन जाता है।

पहाड़ी रास्तों या किसी ढलान पर गाड़ी को आगे बढ़ाने के दौरान पीछे खिसकने का खतरा रहता है। हिल होल्ड असिस्ट फीचर ढलान पर ब्रेक छोड़ने के बाद भी गाड़ी को कुछ सेकेंड के लिए रोक कर रखता है, जिससे गाड़ी पीछे नहीं लुढ़कती। इसका उपयोग पहाड़ी रास्तों पर या चढ़ाई पर रुकने के बाद दोबारा गाड़ी आगे बढ़ाते समय किया जाता है।
गाड़ी को पीछे लेते समय पीछे की स्थिति स्पष्ट देखने के लिए रियर कैमरा और पार्किंग सेंसर बहुत मददगार होते हैं। स्क्रीन पर गाइडलाइंस और बीप की आवाज के जरिये ड्राइवर को पीछे की बाधाओं का अंदाजा मिल जाता है। इसका इस्तेमाल रिवर्स पार्किंग करते समय या तंग जगह से गाड़ी निकालते समय किया जाता है।
ईएससी गाड़ी के बैलेंस को बिगड़ने से बचाने वाला एक अडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम है। तेज रफ्तार में अचानक मोड़ काटने या अनियंत्रित होने की स्थिति में यह सिस्टम खुद-ब-खुद पहियों पर ब्रेक लगाकर गाड़ी को रास्ते पर बनाए रखता है। इसका इस्तेमाल तेज स्पीड पर अचानक मोड़ लेने पर या फिसलन भरी सड़क पर वाहन को संतुलित रखने के लिए होता है।
