नीट पेपर लीक मामले में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव को शनिवार (25 जुलाई 2026) की रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रविवार को पटना पहुंचने पर उनके भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले सभी छात्रों का धन्यवाद किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपने बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष किया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला और उनकी पार्टी भी छात्रों के साथ खड़ी रही। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना जरूरी है।
तेजस्वी यादव ने कहा, “सवाल खड़ा होता है कि कल (शनिवार) जो समझौता हुआ कि जितने भी लोगों को पर मुकदमा हुआ है इस आंदोलन में चाहे जिन राज्यों में ये आंदोलन हुआ है, वो वापस लिया जाएगा… बिहार लोकतंत्र की जननी है…
बिहार देश को राह दिखाता है… बिहार के हर जिलों में जिस प्रकार से सरकार और पुलिस ने कार्रवाई की, सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया, गलत धाराओं में मुकदमा किया गया, जब तय हो गया कि जितने भी आंदोलनकारी हैं उनके ऊपर से मुकदमा वापस लिया जाएगा तो बिहार में जबरन केस कर जेल में डाला जा रहा है…”
तेजस्वी यादव ने कहा, “हमारे कई विधायक को उठाया गया. माले के विधायक सौरभ को उठाया गया. हमारे बड़े भाई तेज प्रताप को गिरफ्तार किया गया. धाराएं लगाई गईं. आग्रह नहीं चेतावनी देते हैं कि जिन्हें जेल में डाला गया है, जो छात्र हैं, उनसे मुकदमा वापस लिया जाए. रिहा किया जाए. नहीं किया जाता है तो हम लोग बड़ा आंदोलन करेंगे.”
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी हमला किया. उन्होंने कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री के चेहरे पर न वोट मिला… ना चेहरे पर वोट हुआ… ना काम पर वोट मिला… जो सड़कछाप गुंडा है. दुर्भाग्य है कि पुलिस को भी गुंडा बनाने का काम किया गया. कल छात्रों पर एके-47 से गोली चलाई गई…”
