भारत ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
यह लगातार चौथी बार है जब मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कोई पदक जीता है। ग्लासगो में खेले जा रहे खेलों में उन्होंने गोल्ड जीतकर भारत को बड़ी सफलता दिलाई।
मीराबाई चानू ने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 2018, 2022 और 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्हें सिल्वर मेडल मिला था।
मीराबाई की इस शानदार जीत के साथ भारत ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने स्वर्ण पदकों का खाता खोल दिया है।
कुल मिलाकर 190 किलो वजन उठाया
भारत की स्टार वेटलिफ्टर ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क में कुल मिलाकर 190 किलो वजन उठाया. मीराबाई की यह जीत धमाकेदार इसलिए भी रही क्योंकि उन्होंने दूसरे स्थान पर रहीं नाइजीरिया की रुथ न्योंग से 22 किलोग्राम अधिक वजन उठाया.
स्नैच राउंड में मीराबाई चानू ने 85 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड बनाया. उसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क राउंड में 105 किलोग्राम वजन उठाया. इस तरह उन्होंने कुल 190 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत द्वारा जीता गया कुल दूसरा मेडल है. उनसे पहले पुरुषों की 60 किलोग्राम कैटेगरी में ऋषिकांत सिंह सिल्वर मेडल जीत चुके हैं.
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल कर लिया
क्लीन एंड जर्क राउंड में मीराबाई चानू ने पहले प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
मीराबाई की इस जीत के बाद भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल कर लिया है। अब तक भारत के खाते में एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल आ चुका है।
भारत के लिए मीराबाई चानू ने गोल्ड, ऋषिकांत सिंह ने सिल्वर और पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
