नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चले प्रदर्शन के बाद अब एक बार फिर ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ की चर्चा शुरू हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को ऐलान किया कि जंतर-मंतर आंदोलन का दूसरा चरण बहुत जल्द शुरू होने वाला है। दिपके ने यह बयान दिल्ली में पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच दिया।
दिपके ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनसे लगातार पूछा जा रहा था कि जंतर-मंतर का अगला आंदोलन कब शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इसका जवाब अब साफ है और ‘सीजन-2’ बहुत जल्द शुरू किया जाएगा।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब CJP की ओर से दिल्ली में कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित करने की कोशिश की गई थी, लेकिन पार्टी के मुताबिक बैठक के लिए जगह उपलब्ध कराने में परेशानी आई। दिपके ने दावा किया कि जिन हॉल संचालकों से संपर्क किया गया, उन पर ऊपर से दबाव होने की बात कही गई। हालांकि, इस दावे को संबंधित पक्षों की ओर से स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं किया गया है।
अभिजीत दिपके ने क्या ऐलान किया?
अभिजीत दिपके ने कहा कि लोग उनसे इंस्टाग्राम के जरिए पूछ रहे थे कि ‘Jantar Mantar Season 2’ कब शुरू होगा। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि इसका दूसरा चरण जल्द शुरू होगा।
दिपके का यह बयान उनके पिछले आंदोलन की पृष्ठभूमि में आया है। रिपोर्टों के मुताबिक CJP की ओर से पहले जंतर-मंतर पर करीब 37 दिनों तक प्रदर्शन किया गया था। अब संगठन की ओर से अगले चरण की तैयारी के संकेत दिए गए हैं।
हालांकि, अभी तक ‘सीजन-2’ की सटीक तारीख, प्रदर्शन का स्थान और विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए फिलहाल इसे आंदोलन की घोषणा या संकेत के रूप में देखा जा रहा है, न कि किसी तय कार्यक्रम के रूप में।
दिल्ली में बैठक के लिए हॉल नहीं मिलने का दावा
दिपके ने दिल्ली में CJP के स्वयंसेवकों की बैठक को लेकर भी दावा किया। उनके मुताबिक, संगठन को बैठक के लिए एक हॉल की जरूरत थी, लेकिन कई जगह संपर्क करने के बावजूद उन्हें जगह नहीं मिल सकी।
दिपके ने आरोप लगाया कि हॉल मालिकों ने ‘ऊपर से दबाव’ होने की बात कही। उन्होंने इस स्थिति के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी आरोप लगाए।
यहां यह समझना जरूरी है कि दबाव और धमकी से जुड़े दावे अभिजीत दिपके की ओर से लगाए गए आरोप हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे तथ्य के बजाय दिपके के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘सीजन-2’ में क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंतर-मंतर के दूसरे चरण में CJP किस मुद्दे को उठाएगी?
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने इस बारे में जानकारी दी है। उनके मुताबिक संगठन देशभर में एक ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग जगहों पर लोगों की समस्याओं को सुनना और उन्हें सामने लाना बताया गया है।
दास के अनुसार, आजादी के दिन से शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की योजना है। संगठन ने अभिभावकों और नागरिकों से सरकारी स्कूलों की स्थिति देखने, वहां के हालात का सोशल ऑडिट करने और समस्याओं को रिकॉर्ड करने की अपील की है।
इससे संकेत मिलता है कि CJP का अगला अभियान केवल दिल्ली के जंतर-मंतर तक सीमित रहने के बजाय देश के अलग-अलग हिस्सों में जनसंपर्क और मुद्दा-आधारित अभियान के रूप में भी सामने आ सकता है।
सरकारी स्कूलों की स्थिति पर अभिजीत दिपके का फोकस

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने शिक्षा को अभियान का एक प्रमुख मुद्दा बताया है। संगठन की योजना के मुताबिक सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं, स्थानीय समस्याओं और जमीनी स्थिति को रिकॉर्ड करने पर जोर दिया जाएगा।
इस तरह के अभियान में स्कूलों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, शिक्षकों की मौजूदगी, विद्यार्थियों के लिए जरूरी संसाधन और स्थानीय स्तर की समस्याओं को सामने लाने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि, अभियान का पूरा प्रारूप और इसकी आधिकारिक टाइमलाइन अभी स्पष्ट नहीं है।
पहले 37 दिन चला था जंतर-मंतर प्रदर्शन
‘सीजन-2’ की घोषणा को समझने के लिए CJP के पिछले जंतर-मंतर प्रदर्शन को देखना जरूरी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में संगठन ने पहले 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था।
इस दौरान प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया स्तर पर काफी चर्चा हुई। अब दिपके की नई घोषणा के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि आगामी आंदोलन का स्वरूप पहले प्रदर्शन से कितना अलग होगा।
क्या दूसरा चरण भी लगातार धरने के रूप में होगा या इसे देशव्यापी अभियान का रूप दिया जाएगा—इसका जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
‘जंतर-मंतर सीजन-2’ की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ यूजर्स ने दिपके के ऐलान पर समर्थन जताया, जबकि कुछ ने इसे लेकर सवाल भी उठाए। सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं में अलग-अलग तरह की राय देखने को मिली है।
यहां भी सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को व्यापक जनमत का प्रतिनिधि मानना उचित नहीं होगा। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की टिप्पणियां किसी आंदोलन की वास्तविक लोकप्रियता या जनसमर्थन का निर्णायक प्रमाण नहीं होतीं।
क्या फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा?
अभी तक अभिजीत दिपके ने केवल इतना स्पष्ट किया है कि ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ जल्द शुरू होगा। लेकिन इसके लिए तारीख, प्रदर्शनकारियों की संख्या, कार्यक्रम और प्रशासन से संबंधित औपचारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अगला प्रदर्शन कब और किस स्वरूप में होगा।
CJP की ओर से देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’ की बात जरूर सामने आई है। इससे यह संकेत मिलता है कि संगठन आगामी चरण में लोगों के मुद्दों को सीधे सुनने और अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाने पर जोर दे सकता है।
BJP पर लगाए आरोप, लेकिन पुष्टि बाकी
अभिजीत दिपके ने दिल्ली में बैठक के लिए हॉल नहीं मिलने के पीछे राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया और BJP का नाम लिया। यह आरोप खबर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे लिखते समय ‘दिपके ने आरोप लगाया’ जैसे attribution का इस्तेमाल करना जरूरी है।
विश्वसनीय पत्रकारिता में आरोप और स्थापित तथ्य के बीच अंतर स्पष्ट रखना credibility के लिए महत्वपूर्ण है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में BJP की ओर से इन आरोपों का विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है।
आगे की रणनीति पर दिपके की नजर
जंतर-मंतर सीजन-2 की घोषणा के बाद अब CJP की अगली रणनीति पर नजर रहेगी। संगठन यदि देशव्यापी लिसनिंग टूर शुरू करता है तो इससे आंदोलन का फोकस दिल्ली से बाहर भी जा सकता है।
शिक्षा, सरकारी स्कूल और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दों को अभियान में प्राथमिकता देने की बात सामने आई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि संगठन इन मुद्दों को किस तरह राष्ट्रीय अभियान में बदलता है।
फिलहाल इतना तय है कि अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर आंदोलन के दूसरे चरण का संकेत दे दिया है और CJP इसे जल्द शुरू करने की तैयारी में है।
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