दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार (4 अक्टूबर) को भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शन में राजनीतिक नेताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति भी देखने को मिली।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के प्रदर्शन में कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे। इनके अलावा कुछ राजनीतिक नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इसी दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की बेटी लतिका दीक्षित को भी छात्रों के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान उन्हें हल्की चोट भी लगी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बढ़ गया तनाव
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग हटा दी और आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया।
इससे पहले शनिवार को भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कार्यकर्ताओं से दोपहर 1 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध जारी रखने की अपील की थी। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में लिया था।
प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर पहुंचते ही पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली कई सड़कों पर बैरिकेडिंग भी की गई थी।
प्रदर्शन के दौरान 1000 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए
इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन के दौरान 1,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें AISA, SFI, NSUI, आम आदमी पार्टी और अन्य राजनीतिक एवं छात्र संगठनों से जुड़े लोग शामिल थे।
AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा के अलावा आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ योगेंद्र यादव को भी हिरासत में लिया गया था।
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