24 अगस्त 2026 | दिल्ली | डेस्क– पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिल्ली से पटना आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 1741 लैंडिंग के दौरान पक्षी से टकरा गई। विमान में 164 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्री सुरक्षित रहे। घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने एहतियातन रनवे का निरीक्षण कराया और इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट किया।
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पटना एयरपोर्ट पर करीब एक सप्ताह के भीतर एयर इंडिया के विमान से बर्ड हिट की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। इससे एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की बढ़ती गतिविधियों और रनवे से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।
लैंडिंग से ठीक पहले विमान से टकराया पक्षी
जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया की फ्लाइट AI 1741 दिल्ली से 164 यात्रियों को लेकर पटना पहुंची थी। सोमवार सुबह करीब 7:43 से 7:44 बजे के बीच विमान लैंड करने वाला था। इसी दौरान पायलट को विमान से पक्षी के टकराने की आशंका हुई। पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरपोर्ट अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
पायलट की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन ने एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। दमकल और अन्य आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट रखा गया, ताकि लैंडिंग के दौरान किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। हालांकि विमान सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतर गया।
164 यात्रियों की बची जान
बर्ड हिट की घटना के बावजूद विमान में सवार सभी 164 यात्री सुरक्षित रहे। किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को सामान्य प्रक्रिया के तहत बाहर निकाला गया।
घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने राहत की सांस ली, क्योंकि लैंडिंग के समय पक्षी का विमान से टकराना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। खासकर विमान के इंजन के आसपास बर्ड स्ट्राइक होने पर उड़ान की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है।
रनवे का कराया गया निरीक्षण
विमान के सुरक्षित उतरने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने रनवे का निरीक्षण कराया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि रनवे पर पक्षी के अवशेष या कोई ऐसी वस्तु न रह गई हो, जिससे दूसरी उड़ानों को खतरा हो।
विमान की भी तकनीकी जांच की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जांच में पक्षी से टकराने की पुष्टि हुई, लेकिन इंजन को नुकसान नहीं मिला। जरूरी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद विमान को आगे की उड़ान के लिए फिट घोषित किया गया।
दिल्ली लौटने वाली फ्लाइट हुई लेट
AI 1741 के पटना पहुंचने के बाद विमान की जांच में समय लगा। इसके चलते दिल्ली वापस जाने वाली फ्लाइट में देरी हुई। रिपोर्टों के मुताबिक वापसी की उड़ान करीब 79 मिनट की देरी से रवाना हुई।
इससे यात्रियों को कुछ समय तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। हालांकि घटना के कारण एयरपोर्ट का पूरा उड़ान संचालन प्रभावित नहीं हुआ और अन्य उड़ानों को सामान्य रूप से संचालित किया गया।
एक सप्ताह में दूसरी बार बर्ड हिट

पटना एयरपोर्ट पर इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ाई है क्योंकि करीब एक सप्ताह में यह दूसरी बर्ड हिट घटना बताई जा रही है।
इससे पहले 17 अगस्त को दिल्ली-पटना एयर इंडिया फ्लाइट से पक्षी टकराने की घटना हुई थी। उस घटना के बाद विमान को कुछ समय के लिए सेवा से हटाया गया था और उसकी जांच एवं मरम्मत के लिए तकनीकी टीम की मदद ली गई थी। जांच और आवश्यक अनुमति के बाद विमान को दोबारा उड़ान के लिए मंजूरी मिली थी।
लगातार दो घटनाओं के बाद अब एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के उपायों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।
रनवे पर मिला था 1.5 किलो का चमगादड़
पटना एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर एक और घटना सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को उड़ान संचालन शुरू होने से पहले नियमित निरीक्षण के दौरान रनवे पर करीब 1.5 किलो वजन का चमगादड़ का शव मिला था।
इस घटना ने भी एयरपोर्ट के आसपास मौजूद पक्षियों और अन्य उड़ने वाले जीवों की गतिविधियों पर चिंता बढ़ाई है। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक उससे पहले किसी विमान ने पक्षी से टकराने की सूचना नहीं दी थी।
मानसून में क्यों बढ़ जाता है Bird Hit का खतरा?
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार मानसून के दौरान रनवे के आसपास घास और वनस्पति तेजी से बढ़ती है। घास काटने या आसपास की जमीन में हलचल होने पर कीड़े-मकौड़े बाहर आते हैं, जिससे पक्षी आकर्षित हो सकते हैं।
एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों की मौजूदगी विमानों के लिए सुरक्षा चुनौती बन सकती है। टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होता है। ऐसे समय में पक्षी से टक्कर होने पर विमान के इंजन या दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है।
इसी वजह से एयरपोर्ट प्रशासन को रनवे और उसके आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी करनी पड़ती है।
पक्षियों को भगाने के लिए Chasers की तैनाती
पटना एयरपोर्ट पर पक्षियों को रनवे और ऑपरेशनल एरिया से दूर रखने के लिए Bird Chasers की तैनाती की गई है। ये कर्मचारी अलग-अलग उपायों के जरिए पक्षियों को रनवे से दूर रखने की कोशिश करते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार पक्षियों को भगाने के लिए पटाखों और दूसरे निर्धारित उपायों का इस्तेमाल किया जाता है। एयरपोर्ट प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान रनवे के आसपास पक्षियों की मौजूदगी कम से कम रहे।
एयरपोर्ट के आसपास मांस की दुकानों पर भी नजर
पटना एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के जमा होने की एक वजह आसपास मौजूद मांस की दुकानों को भी माना जा रहा है। खुले में उपलब्ध खाद्य अवशेष पक्षियों को आकर्षित कर सकते हैं।
ऐसे में सिर्फ रनवे की निगरानी करना पर्याप्त नहीं है। एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में कचरा प्रबंधन, खाद्य अवशेषों का निपटारा और पक्षियों को आकर्षित करने वाले कारणों पर नियंत्रण भी जरूरी होता है।
Bird Strike विमान के लिए कितना खतरनाक?
Bird Strike यानी विमान और पक्षी की टक्कर विमानन क्षेत्र में एक गंभीर सुरक्षा चुनौती मानी जाती है। हर बर्ड स्ट्राइक से विमान को नुकसान हो, यह जरूरी नहीं है। कई मामलों में विमान बिना किसी बड़ी समस्या के सुरक्षित उतर जाता है।
लेकिन अगर बड़ा पक्षी तेज गति से विमान के इंजन या विंडस्क्रीन से टकराए तो नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। इसी वजह से पायलट द्वारा बर्ड स्ट्राइक की आशंका की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन एहतियाती कदम उठाता है।
पटना की ताजा घटना में राहत की बात यही रही कि विमान सुरक्षित उतरा और तकनीकी जांच में इंजन को नुकसान नहीं मिला।
पायलट की सतर्कता से स्थिति संभली
घटना के दौरान पायलट ने संभावित बर्ड स्ट्राइक की सूचना एयरपोर्ट अधिकारियों को दी। इसके बाद इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय किया गया और जरूरी सेवाओं को तैयार रखा गया।
विमान के सुरक्षित उतरने के बाद तकनीकी टीम ने जांच की। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि विमान में किसी तरह की तकनीकी खराबी न हो और आगे की उड़ान सुरक्षित तरीके से संचालित की जा सके।
यात्रियों में बढ़ी चिंता, लेकिन बड़ा हादसा टला
लैंडिंग के दौरान विमान से पक्षी के टकराने की सूचना सुनकर यात्रियों में स्वाभाविक रूप से चिंता पैदा हो सकती थी। हालांकि विमान के सुरक्षित उतरने और सभी यात्रियों के सुरक्षित होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
एयरपोर्ट प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया और पायलट की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया।
अब एयरपोर्ट प्रशासन के सामने क्या चुनौती?
पटना एयरपोर्ट पर लगातार सामने आ रही बर्ड हिट की घटनाओं के बाद सबसे बड़ी चुनौती Bird Activity को नियंत्रित करना है।
इसके लिए रनवे की नियमित जांच, घास और वनस्पति का उचित प्रबंधन, कचरा और खाद्य अवशेषों की सफाई तथा पक्षियों को भगाने वाली टीमों की सक्रियता महत्वपूर्ण है।
मानसून के दौरान पक्षियों की गतिविधि बढ़ने की रिपोर्ट को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन को इस अवधि में निगरानी और ज्यादा मजबूत करनी पड़ सकती है। दैनिक जागरण
निष्कर्ष
पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह दिल्ली से आ रही Air India Flight AI 1741 लैंडिंग के दौरान पक्षी से टकरा गई। विमान में 164 यात्री सवार थे और राहत की बात यह है कि सभी सुरक्षित हैं। विमान ने करीब 7:43-7:44 बजे सुरक्षित लैंडिंग की।
घटना के बाद रनवे का निरीक्षण कराया गया और विमान की तकनीकी जांच की गई। रिपोर्टों के मुताबिक इंजन को कोई नुकसान नहीं मिला। हालांकि वापसी की उड़ान में करीब 79 मिनट की देरी हुई।
यह भी पढ़ें – Swine Flu H1N1: कोरोना जैसे लक्षणों से न हों परेशान, जानें कैसे फैलता है संक्रमण, कौन ज्यादा खतरे में और बचाव के तरीके



