National News | Delhi Metro News | CISF News | 27 अगस्त 2026
दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर CISF ने अपनी तैयारियों की समीक्षा की है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने गुरुवार को CISF की DMRC यूनिट का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था, ऑपरेशनल तैयारियों, ट्रेनिंग और जवानों के कल्याण से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया। दिल्ली मेट्रो की 10 लाइनों और 303 स्टेशनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी 12 हजार से ज्यादा CISF जवान संभाल रहे हैं। यह नेटवर्क रोजाना 70 लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही देखता है।
दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में 12 हजार से ज्यादा जवान
CISF की DMRC यूनिट बल की सबसे बड़ी यूनिट है। इसमें 12,000 से ज्यादा जवान तैनात हैं। ये जवान दिल्ली मेट्रो की 10 ऑपरेशनल लाइनों और 303 स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की लगातार आवाजाही के कारण मेट्रो की सुरक्षा को एक बड़ी ऑपरेशनल चुनौती माना जाता है।
CISF की जिम्मेदारी केवल स्टेशनों पर सुरक्षा जांच तक सीमित नहीं है। निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं भी काम करती हैं।
रोजाना 70 लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही
दिल्ली मेट्रो राजधानी और NCR की लाइफलाइन मानी जाती है। रोजाना 70 लाख से अधिक यात्री मेट्रो नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। इतने बड़े यात्री दबाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना CISF और DMRC के लिए अहम जिम्मेदारी है।
CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि इतने बड़े नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए जवानों की सतर्कता, बेहतर ट्रेनिंग, तकनीक आधारित निगरानी और DMRC के साथ करीबी तालमेल जरूरी है।
CISF महानिदेशक ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
गुरुवार को प्रवीर रंजन ने CISF की DMRC यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशनल व्यवस्था, सुरक्षा तैयारियों और ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी ली।
उन्होंने जवानों के साथ ‘सैनिक सम्मेलन’ में भी संवाद किया। इस दौरान ऑपरेशनल ड्यूटी, पेशेवर तैयारियों और जवानों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। महानिदेशक ने दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में तैनात जवानों की सतर्कता और पेशेवर रवैये की सराहना की।
यमुना बैंक में नए बैरक का उद्घाटन
CISF महानिदेशक ने यमुना बैंक में नवनिर्मित पुरुष बैरक का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा उन्होंने पुश्ता शकूरपुर में निर्माणाधीन बैरक का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
इन सुविधाओं का उद्देश्य मेट्रो सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले CISF जवानों को बेहतर आवासीय और कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।
शास्त्री पार्क में ट्रेनिंग और कंट्रोल सेंटर का जायजा

प्रवीर रंजन ने शास्त्री पार्क स्थित कवच ट्रेनिंग सेल का भी दौरा किया। यहां उन्हें जवानों की ट्रेनिंग गतिविधियों और ऑपरेशनल तैयारियों की जानकारी दी गई।
इसके बाद उन्होंने ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर यानी OCC का निरीक्षण किया। यहां सर्विलांस और रिस्पॉन्स मैकेनिज्म की समीक्षा की गई। संभावित सुरक्षा खतरों से तेजी से निपटने और यात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने पर चर्चा हुई।
सुरक्षा के साथ यात्रियों की सुविधा पर जोर
CISF महानिदेशक ने कहा कि दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो। इसके लिए क्विक रिस्पॉन्स, टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी और DMRC के साथ समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।
इसका उद्देश्य सुरक्षा जांच को प्रभावी बनाए रखने के साथ-साथ मेट्रो यात्रियों की यात्रा को भी सुगम रखना है।
DMRC और CISF के बीच बेहतर तालमेल
DMRC के मुख्य सुरक्षा आयुक्त सुवाशीष चौधरी ने भी CISF और DMRC के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों एजेंसियों के बीच करीबी तालमेल यात्रियों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जवानों के साथ किया लंच
निरीक्षण के दौरान CISF महानिदेशक ने शास्त्री पार्क बैरक में जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। इससे नेतृत्व और जवानों के बीच सीधे संवाद और जमीनी जुड़ाव का संदेश गया।
CISF ने कहा कि जवानों का वेलफेयर और प्रोफेशनल तैयारी मेट्रो सुरक्षा व्यवस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है।
निष्कर्ष
दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए 12 हजार से ज्यादा CISF जवान 10 लाइनों और 303 स्टेशनों पर तैनात हैं। रोजाना 70 लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही वाले इस विशाल नेटवर्क में सुरक्षा के साथ यात्रियों की सुविधा बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है। CISF महानिदेशक प्रवीर रंजन के निरीक्षण में सुरक्षा, तकनीकी निगरानी, ट्रेनिंग, क्विक रिस्पॉन्स और जवानों के कल्याण पर विशेष जोर दिया गया।
यह भी पढ़ें – Today 10 Big News: नेपाल में तबाही से लेकर अभिषेक बनर्जी विवाद तक, पढ़ें 27 अगस्त की 10 बड़ीखबरें



