नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान में भारत लगातार मदद कर रहा है। भारत ने राहत सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना का 8वां विमान काठमांडू के लिए रवाना किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस विमान में करीब 35 टन राहत और बचाव सामग्री भेजी गई है। इसमें NDRF के जरूरी उपकरण, रेस्क्यू सामान, फॉरेंसिक सामग्री और सेना की टीम के लिए जरूरी सामान शामिल है।
7 विमानों से पहले ही भेजी जा चुकी है मदद
भारत इससे पहले नेपाल को 7 विमानों के जरिए करीब 95 टन राहत सामग्री भेज चुका है। इसके अलावा भारत ने बचाव अभियान में मदद के लिए फॉरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीमों को भी नेपाल भेजा है।
जरूरत के हिसाब से मदद जारी रखेगा भारत
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में लगातार सहयोग करता रहेगा। जमीन पर जिस तरह की जरूरत होगी, उसी के अनुसार भारत आगे भी मदद पहुंचाएगा।
नेपाल में बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी है। भारत की ओर से भेजी जा रही राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीमें इस अभियान में मदद कर रही हैं।
- जायसवाल ने कहा था कि हमने नेपाल के लोगों और सरकार के साथ एकजुटता और सहानुभूति जताई है, और हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते, भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है और नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद करना जारी रखेगा। हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है, और कुछ और सामग्री जल्द ही वहां भेजी जाएगी। हमारी फोरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम, दोनों ही टीमें मौके पर काम कर रही हैं। वे बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रही हैं।
- उन्होंने कहा था कि फोरेंसिक टीम अभी काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में काम कर रही है, जहां वे 1200 डीएनए नमूनों पर काम कर रहे हैं। हम नेपाल की जरूरत के हिसाब से उनकी मदद करना जारी रखेंगे। जैसा कि मैंने पिछली बार बताया था, इस आपदा में 275 भारतीय नागरिक लापता हैं। अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। और जिन 275 लापता भारतीय नागरिकों का मैंने जिक्र किया, उनमें वे 49 लोग भी शामिल हैं जो चीन की तरफ लापता हो गए थे।
- जायसवाल ने आगे कहा कि भारत सरकार आपदा के बाद से ही भारतीय नागरिकों को सक्रिय रूप से मदद पहुंचा रही है। उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए भारत, बीजिंग और काठमांडू में चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
नेपाल में बड़े पैमाने पर तबाही मची
नेपाल के रसुवा में आई भीषण बाढ़ की शुरुआत 26 अगस्त को चीन के तिब्बत इलाके से हुई थी। यह बाढ़ सीमा पार बहने वाली भोटे कोशी नदी से होकर गुजरी, जिससे विदेशी नागरिकों समेत एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हिमालयी देश में बड़े पैमाने पर तबाही मची।
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