हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय ज्यादातर लोग टोल प्लाजा से गुजरते हैं। लेकिन कई वाहन चालकों को FASTag और टोल लेन के नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में जल्दबाजी में गलत लेन में जाने या बिना एक्टिव FASTag के FASTag लेन में पहुंचने पर परेशानी हो सकती है।
इसलिए टोल प्लाजा से गुजरने से पहले यह जानना जरूरी है कि किस लेन का इस्तेमाल करना है और FASTag से जुड़े नियम क्या हैं।
गलत लेन में जाने पर क्या होगा?
टोल प्लाजा पर FASTag वाले वाहनों के लिए अलग लेन होती है। अगर कोई वाहन बिना वैध या एक्टिव FASTag के FASTag लेन में प्रवेश करता है, तो उससे संबंधित वाहन श्रेणी के सामान्य टोल शुल्क का दोगुना शुल्क लिया जा सकता है।
वहीं, अगर कोई भारी वाहन जैसे ट्रक या बस गलत लेन में प्रवेश करता है, तो इससे ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक नियमों के तहत कार्रवाई या चालान भी हो सकता है।
सिर्फ FASTag लगा होना काफी नहीं
कई लोग सोचते हैं कि गाड़ी की विंडस्क्रीन पर FASTag लगा है तो कोई परेशानी नहीं होगी। लेकिन ऐसा नहीं है। FASTag में पर्याप्त बैलेंस और उसकी वैध स्थिति भी जरूरी है।
अगर FASTag का बैलेंस खत्म हो गया है, टैग डिएक्टिवेट है या ब्लैकलिस्टेड है, तो टोल प्लाजा पर परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में FASTag लेन में जाने पर दोगुना टोल शुल्क देना पड़ सकता है।
टोल प्लाजा पर सही लेन कैसे चुनें?
टोल प्लाजा से कुछ दूरी पहले ही साइन बोर्ड लगे होते हैं। इन पर बताया जाता है कि कार, बस, ट्रक या दूसरे वाहनों के लिए कौन सी लेन निर्धारित है।
इसलिए टोल प्लाजा के पास पहुंचते ही अपनी गाड़ी की रफ्तार कम करें और साइन बोर्ड देखकर अपने वाहन के हिसाब से सही लेन चुनें।
टोल पर परेशानी से बचने के आसान तरीके
टोल प्लाजा पर अतिरिक्त शुल्क और परेशानी से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- सफर से पहले FASTag का बैलेंस चेक करें।
- FASTag को विंडस्क्रीन पर सही तरीके से लगाएं।
- FASTag एक्टिव है या नहीं, यह जरूर जांच लें।
- टोल प्लाजा के पास गाड़ी की रफ्तार कम करें।
- साइन बोर्ड देखकर सही लेन में ही जाएं।
- जल्दबाजी में दूसरी लेन में गाड़ी न डालें।
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप टोल प्लाजा पर अनावश्यक जुर्माने और परेशानी से बच सकते हैं।
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