संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात हुई। 24 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बैठक की। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
बैठक में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों के बीच सहयोग और तालमेल जारी रखने की बात कही गई।
बांग्लादेश ने भी रिश्ते बढ़ाने की इच्छा जताई
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने पाकिस्तान के साथ संबंधों में हो रही प्रगति पर संतोष जताया। दोनों देशों ने आपसी सम्मान और सहयोग के आधार पर रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही।
बैठक में दोनों नेताओं ने साझा मुद्दों पर नियमित बातचीत और संपर्क बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई।
शहबाज शरीफ ने बांग्लादेश को दी बधाई
शहबाज शरीफ ने बांग्लादेश को 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र की अध्यक्षता संभालने पर बधाई दी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में बांग्लादेश के प्रयासों के लिए पाकिस्तान के समर्थन की बात कही।
भारत के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच हाल के महीनों में उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ा है। न्यूयॉर्क में दोनों प्रधानमंत्रियों की यह बैठक भी इसी बढ़ते संवाद का हिस्सा है।
दोनों देशों ने अब व्यापार, निवेश, शिक्षा, पर्यटन और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। हालांकि, इस बैठक में भारत के खिलाफ किसी विशेष कदम की घोषणा नहीं की गई है।
मक्का डिफेंस पैक्ट पर बांग्लादेश का क्या रुख?
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए ने 7 अगस्त 2026 को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को सभी सदस्यों पर हमला माना जाएगा।
बांग्लादेश ने इस समझौते में शामिल होने की संभावना को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने अगस्त में कहा था कि अगर इस तरह के समझौते में शामिल होने का मौका मिलता है तो ढाका इस पर विचार करेगा। हालांकि, उस समय तक बांग्लादेश को मौजूदा सदस्य देशों की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला था।
यह भी पढ़े- गणेश विसर्जन पर मुंबई में रातभर चलेगी मेट्रो, रेलवे भी चलाएगा 34 स्पेशल लोकल ट्रेनें



