संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के बयान को अजीब बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद, धोखेबाजी और दोहरे रवैये की नीति से न तो पाकिस्तान को और न ही दुनिया को कोई फायदा होने वाला है।
पाकिस्तान के बयान पर भारत का जवाब
पेटल गहलोत ने कहा कि महासभा में पाकिस्तान के प्रतिनिधि की ओर से कुछ ऐसी बातें कही गईं, जिन्हें समझना मुश्किल है। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि दुनिया पाकिस्तान के रिकॉर्ड से परिचित है।
उन्होंने आतंकवादी संगठन अल-कायदा के पूर्व प्रमुख ओसामा बिन लादेन का भी जिक्र किया। गहलोत ने कहा कि लादेन पाकिस्तान में सैन्य अकादमी के पास रह रहा था। उन्होंने पाकिस्तान की सरकार और सेना के संबंधों पर भी सवाल उठाए।
‘कठपुतली सरकारें आती-जाती रहती हैं’
भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवाधिकारों पर ऐसे शासन की ओर से उपदेश दिए जा रहे हैं, जिस पर सेना के प्रभाव के आरोप लगते रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन पाकिस्तान में असली फैसले कौन लेता है, इस सवाल को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
पाकिस्तान के धार्मिक असहिष्णुता के मुद्दे पर भी सवाल
भारत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से धार्मिक सहिष्णुता और मानवाधिकारों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
उन्होंने पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून और अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि केवल भाषण देकर दुनिया को गुमराह नहीं किया जा सकता।
‘जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है’
कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा।
गहलोत ने कहा कि अगर कश्मीर से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करनी है, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी बात होनी चाहिए। उन्होंने वहां के लोगों की कथित परेशानियों, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया।
भारत ने इस तरह पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए अपना पुराना रुख दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है और इस मुद्दे पर भारत अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा।



