समस्तीपुर, बिहार: बिहार के समस्तीपुर जिले में नाबालिग लड़कियों से बदसलूकी से जुड़े वीडियो सामने आने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। अब सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग एक लड़की को घेरकर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में लड़की का दुपट्टा खींचने और उसका हाथ मरोड़ने जैसी हरकतें भी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
तीन दिनों में तीसरा वीडियो सामने आने का दावा – समस्तीपुर
जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में समस्तीपुर जिले से नाबालिगों या युवतियों से कथित बदसलूकी से जुड़े तीन वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इससे पहले कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर से एक युवती से कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो वायरल हुआ था। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके कुछ घंटे बाद मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के लाटबसेपुरा गांव से भी मारपीट और बदसलूकी से जुड़ा वीडियो सामने आया था, जिसमें पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।
नए वीडियो की पुलिस कर रही जांच
नए वायरल वीडियो को लेकर समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सबसे पहले वीडियो की सत्यता, घटना की तारीख और उसकी लोकेशन की पुष्टि करने में जुटी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में कल्याणपुर थाना क्षेत्र का है या किसी अन्य स्थान का। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का भी पता लगाया जा रहा है।
पुराने वीडियो को नए मामले से जोड़ने की भी जांच
पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो की सत्यता को लेकर विशेष सावधानी बरत रही है। अधिकारियों के मुताबिक, कई बार पुराने वीडियो को नए घटनाक्रम से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता है। इसलिए नए मामले में कार्रवाई से पहले वीडियो के समय, स्थान और संदर्भ का सत्यापन किया जा रहा है। पुष्टि होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
पहले मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी – समस्तीपुर
समस्तीपुर के जगतसिंहपुर मामले में पुलिस ने वायरल वीडियो की तकनीकी जांच के बाद घटनास्थल की पहचान की थी। पुलिस के मुताबिक, मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट तथा आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह ने मामले की समीक्षा कर जांच में तेजी और स्पीडी ट्रायल की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए।

पीड़िता की पहचान उजागर न करने की अपील
नाबालिग से संबंधित मामले में उसकी पहचान सार्वजनिक करना कानूनन गंभीर विषय है। इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स और आम लोगों से अपील है कि वायरल वीडियो को डाउनलोड या दोबारा शेयर न करें और ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक न करें, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो सकती है।
फिलहाल समस्तीपुर के नए वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो कहां का है, कब बनाया गया और इसमें दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका क्या है।अमर उजाला
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