कर्नाटक में मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त
कर्नाटक में मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर चुनाव आयोग ने सख्ती बढ़ा दी है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि Form 6, 7 और 8 में जानबूझकर गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
अगर जांच में यह साबित होता है कि किसी व्यक्ति ने चुनाव आयोग को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश की है, तो उसके खिलाफ जुर्माना, एक साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है।
कर्नाटक में Form 6, 7 और 8 में गलत जानकारी पर कार्रवाई
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए Form 6, किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए Form 7 और मतदाता सूची में पता बदलने या अन्य जरूरी बदलाव के लिए Form 8 का इस्तेमाल किया जाता है।
अब इन फॉर्म में गलत जानकारी या गलत घोषणा देने के मामलों की जांच की जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले से मौजूद था कानूनी प्रावधान
गलत जानकारी देने पर कार्रवाई का प्रावधान पहले से ही कानून में मौजूद है। हालांकि, चुनाव आयोग का मुख्य जोर अब तक लोगों को जागरूक करने और ज्यादा से ज्यादा पात्र नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने पर रहा है।
हाल के दिनों में मतदाता सूची से जुड़े कई शिकायतों और विवादों के बाद अधिकारियों को इन नियमों को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने लगाए थे आरोप
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब कर्नाटक में मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खरगे और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से चुनाव अधिकारियों के सामने शिकायतें और आरोप रखे गए थे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि बीजेपी और जेडीएस से जुड़े कुछ कार्यकर्ता कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए जानबूझकर Form 7 जमा कर रहे हैं।
इन आरोपों की पुष्टि होना अलग विषय है। चुनाव अधिकारियों को अब ऐसे मामलों की जांच करने और गलत जानकारी देने की पुष्टि होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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