इंडोनेशिया की एक अदालत ने बाली में ऑनलाइन जुए से जुड़े कारोबार में शामिल कई भारतीय नागरिकों को जेल की सजा सुनाई है। बुधवार को सुनाए गए फैसले में ज्यादातर आरोपियों को दो साल की कैद दी गई, जबकि दो लोगों को ढाई साल जेल में रहने का आदेश दिया गया। सजा पूरी होने के बाद सभी दोषियों को इंडोनेशिया से निर्वासित किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में उनके देश में दोबारा प्रवेश करने पर भी रोक लगा दी गई है।
AFP की रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया में जुआ खेलना और इससे जुड़े गैरकानूनी कारोबार चलाना अपराध है। यहां जुआ संचालित करने, उसमें पैसा लगाने, ऑनलाइन जुए का प्रचार करने और जुआ खेलने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
बाली में दो जगहों पर छापेमारी, 39 भारतीय गिरफ्तार
पुलिस ने फरवरी में बाली में दो अलग-अलग जगहों पर स्थित विला में छापेमारी की थी। इस दौरान 39 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 35 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए।
पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी पर्यटक वीजा पर इंडोनेशिया पहुंचे थे। जांच में पता चला कि वे पिछले साल के आखिर से एक ऑनलाइन जुआ वेबसाइट का प्रचार करने और उससे जुड़े पैसों के लेनदेन का प्रबंधन करने में शामिल थे।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पुतु गदे नोव्यार्था ने आरोपियों को दोषी पाया और सजा सुनाई।
ज्यादातर दोषियों को दो साल की जेल
अदालत ने ज्यादातर दोषियों को दो साल की कैद की सजा दी, जबकि दो आरोपियों को ढाई साल जेल में रहने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि सजा पूरी होने के बाद सभी दोषियों को इंडोनेशिया से बाहर भेजा जाएगा। इसके बाद वे दोबारा इंडोनेशिया में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
पुलिस के अनुसार, इस ऑनलाइन जुआ कारोबार से हर महीने करीब 8 अरब इंडोनेशियाई रुपिया की कमाई हो रही थी। यह रकम लगभग 4.5 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर बताई गई है।
इंडोनेशिया में ऑनलाइन जुए का कारोबार बड़ी चुनौती
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इंडोनेशिया में पिछले साल ऑनलाइन जुए से जुड़े लेनदेन का कुल आंकड़ा 280 लाख करोड़ इंडोनेशियाई रुपिया से अधिक रहा। देश की करीब 28.7 करोड़ आबादी में से 1.2 करोड़ से ज्यादा लोगों के इस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने का अनुमान है। इनमें ज्यादातर लोग जुआ खेलने वाले बताए गए हैं।
ऑनलाइन जुए के बढ़ते कारोबार पर रोक लगाना इंडोनेशिया सरकार और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसे रोकने के लिए अधिकारियों की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
विदेशी नागरिकों के वीजा नियमों की भी होगी समीक्षा
विदेशी नागरिकों से जुड़े ऑनलाइन जुए और ठगी के मामलों में बढ़ोतरी के बाद इंडोनेशिया के अधिकारियों ने मई में वीजा नियमों की समीक्षा करने की बात कही थी। इसमें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नागरिकों को बिना वीजा प्रवेश देने की नीति पर भी विचार किया जाना है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, जकार्ता में एक कथित गैरकानूनी जुआ केंद्र से जुड़े कुछ लोग वीजा में छूट के आधार पर इंडोनेशिया पहुंचे थे, जबकि कुछ ने वहां पहुंचने पर वीजा के लिए आवेदन किया था।
इन घटनाओं के बाद विदेशी नागरिकों के प्रवेश और वीजा नियमों को लेकर सख्ती बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।



